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दुर्लभ मूर्ति सौदे से पहले धरा गिरोह
ब्यूरो/अमर उजाला, घुमारवीं (बिलासपुर)
Updated Wed, 03 Dec 2014 01:07 PM IST
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घुमारवीं पुलिस ने दुर्लभ और प्राचीन मूर्तियां चुराने वाले एक गिरोह के चार सदस्यों को मूर्ति के साथ दबोचने में कामयाबी हासिल की है। घुमारवीं के एक होटल में चार व्यक्ति अष्टधातु की मूर्ति का सौदा करने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस को इसकी भनक लग गई और सौदेबाजी से पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस के मुताबिक मूर्ति 11वीं शताब्दी की हो सकती है। इसे जांच के लिए पुरातत्व विभाग के पास भेजा जाएगा। फिलहाल देखने में मूर्ति महावीर जैन की प्रतीत होती है। मूर्ति के महत्व और कीमत का पता लगाने के लिए पुलिस इसे पुरातत्व विभाग के साथ भेजेगी।
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पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन आरंभ कर दी है। घुमारवीं पुलिस ने सोमवार रात लगभग 12:30 बजे घुमारवीं कॉलेज के समीप स्थित एक निजी होटल में दबिश देकर चार लोगों को मूर्ति के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली की होटल में चार संदिग्ध लोग ठहरे हुए हैं। पुलिस ने होटल में जाकर उनसे पूछताछ की।
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उन्होंने अपने नाम चिरंजीव कुमार निवासी नाऊ , जिला मंडी, शिव राम निवासी गजनोआ बल्ह मंडी, भाग चंद निवासी न्यूली निवासी कुल्लू और संयोग कुमार निवासी देवपुर जिला नैनीताल उतराखंड बताएं। पुलिस ने कमरे की तलाशी ली तो थैले में छुपाकर रखी एक दुर्लभ मूर्ति बरामद की गई।
बताया जा रहा है कि यह मूर्ति महावीर जैन की 11 वीं शताब्दी की है। पुलिस ने चारों के खिलाफ भादंसं की धारा 379, 441 और एंटीक एंड आर्ट ट्रेजरस अधिनियम की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है।
सूत्र बताते हैं कि उक्त आरोपी घुमारवीं में इस मूर्ति को कुछ स्थानीय लोेेगों की मदद से बेचने की फिराक में थे। लेकिन, पुलिस ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। डीएसपी घुमारवीं अंजनि जस्वाल ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
आगामी प्रक्रिया जारी है। एसपी अशोक शर्मा ने कहा कि मूर्ति काफी पुरानी लगती है। इसे जांच के लिए पुरातत्व विभाग के पास भेजा जाएगा। इसके बाद ही इसकी कीमत एवं महत्व के बारे में पता चल सकेगा। लेकिन, देखने में मूर्ति महावीर जैन की लगती है।