मेहंदी का रंग भी नहीं उतरा कि आ गई मौत
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पठानकोट-मंडी राजमार्ग पर रविवार सुबह करीब 10 बजे रैत स्कूल के पास चंबी में बाइक पर सवार नवविवाहित जोड़ा रेत से लोड ट्रक की चपेट में आ गया। हादसे में मौके पर ही पति और पत्नी दोनों की मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बाइक ट्रक से ओवरटेक करते वक्त स्किड हो गई। पति और पत्नी दोनों ही बाइक से गिरकर लोड ट्रक की चपेट में आ गए।
ट्रक चालक गाड़ी पर नियंत्रण न पा सका और टायर दोनों के ऊपर से गुजर गए। नवविवाहित जोड़ा सदवां में मामा के घर से अपने घर चैतड़ू वापस आ रहा था। दोनों की शादी बीते माह 14 अप्रैल को हुई थी।
इकलौता बेटा था कमलजीत
हादसे के थोड़ी ही देर बाद लोगों ने पुलिस को सूचित कर दिया और दोनों को अस्पताल ले जाने की कोशिश की, मगर दोनों की नब्ज रुक गई थी। कमलजीत माता पिता का इकलौता बेटा था। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शवों को कब्जे में ले लिया।
जानकारी के अनुसार हादसे के तुरंत बाद ट्रक चालक ने शाहपुर थाना में जाकर खुद को पुलिस के हवाले कर दिया। छानबीन के बाद चालक की गलती न होने के चलते उसे रिहा कर दिया गया। कमलजीत (28) पुत्र बलवंत सिंह और पत्नी सोनिका (22) चैतड़ू के रहने वाले थे।
उधर, शाहपुर थाना के मुख्य आरक्षी मदन लाल ने कहा कि शवों को कब्जे में ले लिया गया है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिए जाएंगे। छानबीन में पता चला है कि ट्रक चालक की कोई गलती नहीं है। एएसपी डा. शिव कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी छानबीन शुरू कर दी है।
मां बोली, मुझे भ्ाी साथ ही ले जाता
चंबी में दर्दनाक हादसे में नवविवाहित जोड़े की मौत की खबर सुनकर मौके पर पहुंची इकलौते बेटे कमलजीत की मां के मुंह से बस यही शब्द निकल पाए..मेरा तो वंश ही खत्म हो गया। मुझे भी साथ ही ले जाता, अकेला क्यों छोड़ गया।
बेटे और बहू के क्षत विक्षत पड़े शवों को देखकर मां बेसुध हो गई। दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। कमलजीत के माता-पिता करीब एक माह पहले रीति रिवाज से अपने इकलौते बेटे का विवाह करवा बहू को घर लाए, लेकिन ईश्वर को शायद कुछ और ही मंजूर था।
शादी को एक माह और चंद दिन ही बीते थे कि इन अभागों के बहू और बेटा दोनों ही सड़क हादसे में काल का ग्रास बन गए। कमलजीत के पिता बलवंत जिला कांगड़ा में ही विद्युत बोर्ड में जेई के पद पर कार्यरत हैं और स्वयं कमलजीत चैतड़ू में ही दुकान चला रहा था।