नशा छुड़ाने आया था, मिली खौफनाक मौत
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हिमाचल के जिला कांगड़ा के इंदौरा के तहत आने वाले राजा खासा गांव में चलाए जा रहे नशा मुक्ति केंद्र के संचालकों पर एक युवक राजेंद्र (28) उर्फ भूरा निवासी रौली मोगा (पंजाब) की हत्या करने का मामला दर्ज किया गया है।
एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने तथाकथित नशा मुक्ति केंद्र के दो संचालक आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। वहीं, अन्य पांच आरोपी मौके से फरार हैं।
पुलिस के अनुसार पंजाब के मोगा जिले के रौली गांव के सरपंच जोरा सिंह के नेतृत्व इंदौरा पुलिस थाने में पहुंचे युवक के परिजनों ने जीवन परिवर्तन सोसाइटी के नाम से राजा खास में चलाए जा रहे तथाकथित नशा मुक्ति केंद्र के सात संचालकों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया है।
संचालकों ने दी बेरहम मौत
आरोप है कि करीब पांच-छह माह पहले मोगा के कुछ लोगों ने जीवन परिवर्तन सोसाइटी के नाम से इंदौरा क्षेत्र के गांव राजा खासा में एक नशा मुक्ति केंद्र शुरू किया था। इस तथाकथित नशा मुक्ति केंद्र में करीब 25-30 पंजाब के नौजवान नशे की लत को छुड़ाने के लिए आए।
ये युवक इलाज करवाने के लिए राजा खासा में एक मकान में रहते थे। शिकायतकर्ता जीत सिंह निवासी रौली मोगा (पंजाब) ने इंदौरा पुलिस थाने में दर्ज करवाई अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसका बेटा राजेंद्र (28) उर्फ भूरा पिछले करीब तीन माह से इस तथाकथित नशा मुक्ति केंद्र में अपना इलाज करवा रहा था।
लेकिन 11 नवंबर को केंद्र के संचालकों ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर उसे डमटाल की पहाड़ियों में फेंक दिया। वहीं, मौके पर मौजूद तथाकथित नशा मुक्ति केंद्र में इलाज करवाने वाले सुखविंद्र सिंह ने पुलिस में दिए बयान में बताया कि राजिंद्र उर्फ भूरा को बेरहमी से पीटने के बाद डमटाल की पहाड़ियों में फेंक दिया गया था।
पहले भी की गई दरिंदगी
सुखविंद्र ने पुलिस के समक्ष एक और खुलासा किया कि केंद्र के संचालकों की ओर से की गई बेरहमी से पिटाई में इसी माह की 5 तारीख को एक अन्य युवक की मौत हो गई थी। हालांकि, इस अन्य युवक की शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है और न ही पुलिस इस दूसरे युवक की हत्या का मामला दर्ज किया है।
लेकिन, बयान के बाद पुलिस छानबीन में जुट गई है। मोगा के सरपंच जोरा सिंह की अगुवाई में इंदौरा थाना पहुंचे रौली गांव के करीब 100 लोगों ने पुलिस से इस मामले की गहनता से छानबीन करने की गुहार पुलिस से लगाई है।
आरोपियों की तलाश में पुलिस रवाना : एसएचओ
इंदौरा के थाना प्रभारी तिलक राज ने बताया कि शिकायत पर पुलिस ने तथाकथित नशा मुक्ति केंद्र के सात संचालकों के खिलाफ भादसं की धारा 302, 204 व 34 के तहत मामला दर्ज कर दो आरोपियों बलजिंद्र सिंह पुत्र रेशम सिंह व यशपाल सिंह निवासी गांव रौली जिला मोगा (पंजाब) को हिरासत में लेकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस की टीमें केंद्र के अन्य पांच संचालकों की तलाश में रवाना कर दी गई है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।