'पोर्टफोलियो के लिए सन्नी ने मेरे साथ जबरन शारीरिक संबध बनाए'
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छेड़खानी के बाद रेप केस में गिरफ्तार आरोपी सन्नी वर्मा को शनिवार को फिर स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने अदालत से रिमांड लेने की अपील में कहा कि आरोपी के साथ ऐसी वारदात को अंजाम देने में इसके गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, यह पूछताछ करना जरूरी है।
इसलिए आरोपी को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर दिया जाए। अदालत ने पुलिस की अपील स्वीकार करते हुए आरोपी सन्नी वर्मा को 24 जून तक हिरासत में भेज दिया। पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित लड़की ने बताया कि उसे एक युवती ने फेसबुक के जरिये फ्रेंड रिकवेस्ट भेजी और सन्नी वर्मा के बारे में बताया और सन्नी को फोन नंबर दिया।
'मेरे पास नहीं थे 18 हजार, उसने जबरन शारीरिक संबंध बनाए'
सन्नी वर्मा से भी मेरी चैटिंग हुई, सन्नी ने फोन करने को कहा। चैटिंग के दौरान पोर्ट फोलियो व प्रमोशन के बारे में बताया। मैंने अपना पोर्ट फोलियो सन्नी वर्मा के जरिये बनवाया। पोर्ट फोलियो बनाने के बाद सन्नी वर्मा ने धमकाया कि या तो मुझे 18 हजार रुपये दो या मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ। पीड़ित लड़की ने पुलिस को बताया कि सन्नी वर्मा की यह धमकी सुनकर वह डर गई। उसके मां-बाप के पास इतने पैसे नहीं थे।
पीड़ित लड़की ने बताया कि मजबूरी का फायदा उठाकर सन्नी वर्मा ने 18 मई 2015 को टुटू के नजदीक एक गेस्ट हाउस/होटल में ले जाकर जबरन शारीरिक संबंध बनाए। लोक लाज के कारण आज तक किसी को भी यह बात नहीं बताई और न ही पुलिस में इसकी रिपोर्ट की।
रिपन अस्पताल में हुआ पीड़ित का मेडिकल
पीड़ित ने बताया कि 17 जून को उसे पता चला कि सन्नी वर्मा के खिलाफ महिला पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज हुई है। एफआईआर किसी लड़की ने दर्ज करवाई है। इसके बाद हिम्मत जुटाकर अपने साथ हुई घटना बताई। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने पीड़ित लड़की का रिपन अस्पताल में मेडिकल करवाया है। लड़की की शिनाख्त पर घटनास्थल का भी पुलिस ने नरीक्षण किया है।
सन्नी वर्मा नहीं खोल रहा जुबान- पुलिस ने अदालत में बताया है कि सन्नी वर्मा पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा है। कोई भी जवाब संतोषजनक नहीं है। आरोपी का मेडिकल टेस्ट करवाकर रिपोर्ट ली जानी है। घटनास्थल की भी निशानदेही की जानी है। जांच अभी प्रारंभिक स्तर पर है। आरोपी के हवाले से पीड़िता को भेजे गए मैसेज और ई मेल के संदर्भ में भी पूछताछ की जानी है। आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रानिक साधनों की रिकवरी भी की जानी है।