यहां बागवानों के 84 लाख रुपये हड़प गए 37 व्यापारी, डिफाल्टर घोषित
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोलन और परवाणू सेब मंडियों में 37 सेब व्यापारियों की ओर से बागवानों के 84 लाख हड़पने का मामला सामने आया है। मामला वर्ष 2018-19 का है। अभी तक व्यापारियों ने बागवानों को भुगतान नहीं किया है।
अब मंडी समिति ने भी कारोबारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बार इन कारोबारियों के सेब लाइसेंस रिन्यू नहीं किए गए हैं। इनकी लिखित शिकायत भी पुलिस को दी है।
जिला सोलन की परवाणू और सोलन मंडी में करीब 254 आढ़ती पंजीकृत हैं। इनमें 116 व्यापारी सोलन और 138 परवाणू सेब मंडी के हैं। डिफाल्टरों में 19 सोलन और 18 व्यापारी परवाणू सेब मंडी के हैं।
इनके खिलाफ मंडी समिति पुलिस के सहयोग से कार्रवाई कर रही है। इन व्यापारियों की शिकायत संबंधित थाना और चौकी में भी दी गई है। सोलन और परवाणू मंडी में हर वर्ष करोड़ों का कारोबार होता है।
सिरमौर, शिमला और इसके ऊपरी क्षेत्रों का अधिकतर सेब सोलन और परवाणू मंडी में पहुंचता है। सोलन मंडी से बागवानों के 33 लाख और परवाणू सेब मंडी से 51 लाख का चूना लगाया गया है।
ऑनलाइन व्यापार कर सकते हैं बागवान
बागवानों को लूट से बचाने के लिए राष्ट्रीय कृषि बाजार की शुरुआत की गई है। इसमें किसान अपनी फसल ऑनलाइन बेच सकते हैं। उसकी पेमेंट भी उसी दिन उनके खाते में डाली जाती है। ऑनलाइन कारोबार में सोलन की कृषि उपज मंडी देश में पहले स्थान पर है। इसे मॉडल मंडी बनाया गया है। यहां के कर्मचारी किसानों और बागवानों को जागरूक भी कर रहे हैं।
सेब सीजन के लिए तैयारियां शुरू
प्रदेश में सेब सीजन शुरू होने वाला है। जुलाई के शुरू में सोलन में सेब पहुंचना शुरू हो जाता है। इन दिनों सेब व्यापारियों के कारोबार करने के लिए लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। सेब मंडी की जमीन को मंडी समिति मलबा डालकर खुला कर रही है। इसे समतल किया जाएगा। रोशनी के लिए हाईमास्ट लाइट लगाई जाएंगी। पानी-बिजली का भी प्रबंध किया जा रहा है। शेडों को भी ठीक किया जाएगा।
पुलिस को दी है मामले की शिकायत
मंडी समिति के सचिव प्रकाश कश्यप ने बताया कि सोलन मंडी के 19 और परवाणू सेब मंडी के 18 डिफाल्टर व्यापारियों के लाइसेंस नहीं बनाए गए हैं। उक्त कारोबारियों ने बागवानों के लाखों का भुगतान नहीं किया है। समिति ने पुलिस को शिकायत दी है। सोलन की मंडी से किसान ई-कृषि बाजार के माध्यम से अपनी फसल बेच सकते हैं। इसमें बागवानों के साथ धोखाधड़ी नहीं की जा सकती है।