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दरिंदे को उम्रकैद, तेल छिड़ककर जिंदा जला दी थी पत्नी

Fri, 07 Aug 2015 09:31 PM IST
Updated Fri, 07 Aug 2015 09:31 PM IST
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life time imprisonment for wife murderer.

पत्नी के कत्ल के आरोप में पति को दोषी ठहराते हुए हाईकोर्ट ने उसे आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। सबूत नष्ट करने के दोषी नौ अन्य लोगों को तीन-तीन साल कारावास की सजा का फैसला सुनाया है। नौ लोगों में तत्कालीन पंचायत प्रधान सहित वार्ड पंच भी शामिल है।

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इससे पहले अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हमीरपुर की अदालत ने 22 जून 2009 को सभी आरोपिओं को साक्ष्यों के अभाव के कारण बरी कर दिया था। राज्य सरकार ने इस निर्णय को अपील के माध्यम से हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी थी।
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मामला हिमाचल के हमीरपुर का है। यहां सात अक्तूबर 2008 को किशोरी लाल निवासी ब्राह्मणी, हमीरपुर की पत्नी के साथ कहासुनी हो गई। किशोरी लाल ने पत्नी पर लैंप से मिट्टी तेल छिड़का और आग लगा दी। ससुर ने बहू को बरामदे में जलते हुए पाया।

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ससुर ने पहुंचाया था अस्पताल

life time imprisonment for wife murderer.

ससुर गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले गया। वहां पीड़िता ने बयान दिया था कि उसके पति ने उसके ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगाई थी। बयान आठ अक्तूबर को लिया गया था। बीना देवी के हाथ बुरी तरह जल जाने के कारण वह बयानों पर हस्ताक्षर नहीं कर सकी थी।

इसके बाद आरोपी को बचाने के लिए एक बड़ी साजिश रची गई। अन्य दोषियों में सरोज ठाकुर, प्रेम सिंह, बिहारी लाल, दिले राम, कुशाल, बलदेव, दलजीत कुमार, जगत राम, कश्मीर सिंह तथा अमर सिंह ने दोषी किशोरी लाल को बचाने के लिए मृतका का एक बयान 25 अक्तूबर 2008 को तैयार किया, जिसमें सभी ने अपने हस्ताक्षर किये थे। इस बयान में यह दर्शाया गया कि मृतका ने स्वयं मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगाई है।

आखिरकार हाईकोर्ट में मिला न्याय

life time imprisonment for wife murderer.

26 अक्तूबर 2008 को उसकी मौत हो गई। निचली अदालत ने सभी आरोपिओं को बरी कर दिया था। हाईकोर्ट ने तथ्यों का अवलोकन करने पर मृतका की ओर से दिया गया पहला बयान ही सही पाया। डॉक्टर ने भी पहले बयान के समय यह कहा था कि वह बयान देने के लिए सक्षम है, जबकि दूसरी बार के बयान में डॉक्टर ने ऐसा कुछ नहीं कहा था।

हाईकोर्ट ने अभियोजन पक्ष की दलीलों से सही मानते हुए आरोपिओं को दोषी ठहराया। मृतका के पति किशोरी लाल को 302 तथा अन्य दोषी जिनमें तत्कालीन पंचायत प्रधान सरोज कुमारी, वार्ड पंच बिहारी लाल समेत प्रेम सिंह, दिले राम, कुशाल, बलदेव, दलजीत कुमार, जगत राम, कश्मीर सिंह तथा अमर सिंह को भादसं की धारा 201 और 34 में तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

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