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हत्या और चोरी के आरोप में दो दोषियों को उम्रकैद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर बुशहर
Updated Mon, 03 Dec 2018 10:23 AM IST
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर (रामपुर) की अदालत ने हत्या और चोरी के आरोप सिद्ध होने पर नेपाली मूल के दो लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों को 25-25 हजार रुपये का जुर्माने भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषियों को नौ माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीएस सम्याल ने यह फैसला सुनाया।
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उल्लेखनीय है कि 13, 14 नवंबर 2013 में हांगरंग वैली स्थित तिरासंघ बौद्ध मंदिर में कुछ अज्ञात लोग आए। उन्होंने यहां रहने वाले बौद्ध भिक्षु दोरजे लंडुप की हत्या कर उसका शव स्पीति नदी के किनारे एनएच पांच पर फेंक दिया। मंदिर में रखी बेशकीमती मूर्ति चोरी कर मौके से फरार हो गए।
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पुलिस की लंबी तफ्तीश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं लगा तो यह मामला स्टेट सीआईडी को सौंपा गया। सीआईडी की छानबीन के बाद हत्या और चोरी में संलिप्त नेपाली मूल के कमल सिंह पुत्र रतन सिंह और बलबीर सिंह निवासी नेपाल को दिल्ली से दबोचा लिया।
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इस दौरान दोनों आरोपी नेपाल भागने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि इनसे देवता की बेशकीमती मूर्ति बरामद नहीं हो पाई, जो इन्होंने एक व्यक्ति जिसे उद्घोषित अपराधी करार दिया गया है को बेची थी।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने शनिवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हत्या और चोरी में संलिप्त दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 120बी के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषियों को 25 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है।
जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषियों को नौ माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं दोषियों को भादंसं की धारा 392 और धारा 120-बी के तहत 10 वर्ष की सजा सुनाई है। 25 हजार रुपये जुर्माना किया गया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषियों को नौ माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। सरकार की ओर से इस मामले की पैरवी जिला अटॉर्नी सुरेश हेटा ने की।