फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   indian army officer dominating civilians yol cant kangra.

आर्मी अफसर का ये तुगलकी फरमान होश उड़ा देगा आपके

Sat, 29 Nov 2014 10:39 AM IST
Updated Sat, 29 Nov 2014 10:39 AM IST
विज्ञापन
indian army officer dominating civilians yol cant kangra.

सेना के एक अफसर ने ऐसा तुगलकी फरमान जारी किया है जिसे पढ़कर आपके भी होश उड़ जाएंगे। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित योल कैंट में सेना के एक अफसर ने दुकानदारों पर कॉमन ड्रेस कोड लागू कर तुगलकी फरमान जारी कर दिए हैं। तुगलकी फरमान जारी होने के बाद दुकानदार परेशानी में हैं। सूत्रों के अनुसार उच्चाधिकारी के तुगलकी फरमान का खुलासा तब हुआ जब दर्जी की दुकानों में ड्रेस कोड बनवाने के लिए दुकानदारों की भीड़ जमा होने लगी।

विज्ञापन


योल में आर्मी एरिया के अंतर्गत बने राइजिंग स्टार सुविधा प्लाजा में करीब 80 दुकानें हैं। ये दुकानदार सिविलियन श्रेणी में आते हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या कोई सेना का अधिकारी सिविलियन पर इस तरह के फरमान लागू कर सकता है। हालांकि, इस तुगलकी फरमान के पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया जा रहा है।

विज्ञापन

'10 दिसंबर से पहले ड्रेस कोड पर अमल करें'

indian army officer dominating civilians yol cant kangra.

यह तर्क किसी के भी गले नहीं उतर रहा। ये दुकानदार राइजिंग स्टार सुविधा प्लाजा में पिछले छह वर्षों से अपनी दुकानें चला रहे हैं। वे दुकानों का किराया भी दे रहे हैं। इससे पहले इन दुकानदारों को ब्रिगेड बाजार में बसाया गया था। फिर इन्हें यहां से शिफ्ट कर सुविधा प्लाजा में इनका पुनर्वास किया गया। आदेशों की प्रति में लिखा है कि 10 दिसंबर से पहले ड्रेस कोड पर अमल करें।

सूत्रों के अनुसार इस तरह के फरमान देश भर के किसी भी आर्मी एरिया में सिविलियन पर नहीं लगे हैं। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि इन दुकानदारों को फिर से यहां से शिफ्ट करने की अंदरखाते योजना चल रही है। इसी के चलते इस तरह के फरमान जारी किए गए हैं।

ये है ड्रेस कोड

indian army officer dominating civilians yol cant kangra.

सेना के उच्चाधिकारी की ओर से दुकानदारों और कर्मचारियों के पुरुष वर्ग को गहरे नीले रंग की पेंट, स्काई ब्ल्यू कमीज, गहरे नीले रंग की स्वेटर, काले जूते और नेम प्लेट का ड्रेस कोड पहनना अनिवार्य किया गया है। महिलाओं के लिए स्काई ब्ल्यू सूट, गहरे नीले रंग की स्वेटर या शॉल और नेम प्लेट पहनना जरूरी बताया गया है।

साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि नियमों की अनदेखी की गई तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं दुकानदारों ने सेना के इस फैसले पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि हमारे साथ तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है। इस संबंध में वे जिला प्रशासन को शिकायत करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed