...और कुछ ही घंटों में मातम में बदल गई खुशी
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बिलासपुर में चालक की लापरवाही से दो दिन के नवजात की मौत हो गई है। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर से नवजात शिशु को आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया था। परिजन सरकारी एंबुलेंस के माध्यम से शिमला ले रहे थे।
बीच रास्ते में ही नवजात की मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार प्राप्त जानकारी के अनुसार नम्होल के खरोटा निवासी धर्मपाल की पत्नी दीपा की शनिवार को डिलीवरी हुई।
बेटा पैदा होने का पता लगते ही पूरा परिवार खुशी से झूम उठा। रविवार को चिकित्सक ने बच्चे की हालत को देखते हुए आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया। परिजनों ने अस्पताल की एंबुलेंस सेवाएं ली। एंबुलेंस में मां दीपा, नानी तारा देवी, दादी कमला देवी एंबुलेंस में बैठकर शिमला के लिए रवाना हो गए।
दादी की गोद से छूटकर नवजात की मौत
राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर पहुंचते ही एंबुलेंस चालक ने एकाएक ब्रेक लगा दी। अचानक ब्रेक लगने से गाड़ी में सवार सभी लोग गिर गए। दादी की गोद से भी बच्चा छूटकर जोर से गाड़ी में गिर गया।
अचानक हुए इस हादसे के बाद परिजनों ने बच्चे को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल दादी कमला का भी उपचार करवाया गया। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस चालक की लापरवाही से बच्चा गोद से गिरा और उसके बाद उसकी मौत हुई है।
इस मामले को लेकर परिजन पुलिस में गए और यह मामला दर्ज किया गया है। उधर, इस बारे में डीएसपी हेड र्क्वाटर प्रताप ठाकुर ने कहा कि पुलिस ने आईपीसी की धारा 279, 304-ए के तहत मामला दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी है।