रॉकी हत्याकांड की गुत्थी सुलझी, तीन शार्प शूटर गिरफ्तार
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गैंगस्टर से राजनेता बने जसविंद्र (34) उर्फ रॉकी शूटआउट की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। परवाणू के टिंबर ट्रेल के पास दिनदहाड़े रॉकी को गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने इस वारदात में शामिल तीनों शूटरों को दबोच लिया है।
पुलिस ने पटियाला निवासी 25 वर्षीय अमरिंद्र सिंह, मुक्तसर के 29 वर्षीय भूपेंद्र सिंह और पटियाला के ही 25 वर्षीय देवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को कहां से गिरफ्तार किया गया, पुलिस ने इसका खुलासा नहीं किया है।
इस सनसनीखेज हत्याकांड से जड़े अन्य पहलुओं का भी पुलिस जल्द खुलासा कर सकती है। इसे गैंगवार से जोड़ा जा रहा है। गोलीकांड को सुलझाने के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग टीम (एसआईटी) गठित की थी।
पूरे केस को खुद एडीजीपी (ला एंड आर्डर) संजय कुंडू देख रहे हैं। उन्होंने तीन गिरफ्तारियों की पुष्टि करते हुए कहा कि आरोपियों को 30 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा है।
मोबाइल और कॉल रिकार्ड से सफलता
मोबाइल रिकार्ड और सीडीआर ने शातिरों तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई है। हत्याकांड के दौरान तीनों शूटरों की लोकेशन रॉकी के आसपास ही ट्रेस हुई थी। आरोपियों के मोबाइल से पुलिस को हत्या के बाद खून से लथपथ शव की तस्वीरें भी मिली थीं।
सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हुई थीं तस्वीरें
राकी हत्याकांड की तस्वीरें वारदात के कुछ देर बाद ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। फेसबुक एकाउंट पर इस हत्याकांड से जुड़ी कई तरह की टिप्पणियां की गई थीं। यहां तक की हत्याकांड की जिम्मेदारी भी ली जाने लगी थी। हत्याकांड को 2012 में शेरा भाई की मौत के बदले से जोड़कर प्रचारित किया जा रहा था।
घात लगाकर की थी रॉकी की हत्या
कालका-शिमला एनएच पर टिंबर ट्रेल के पास रॉकी पर ताबड़तोड़ गोलियां दागी गईं थी। घात लगाकर बैठे शूटरों ने क्लोज रेंज फायरिंग करते हुए गोलियां दागी। झाटना के वक्त रॉकी अपने रिश्तेदार और दोस्त के साथ चंडीगढ़ की तरफ जा रहा था।
रॉकी की मौके पर ही मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल चालक और अन्य सवार अन्य बाल-बाल बचे थे। परवाणू पुलिस ने आईपीसी की धारा-302, 307, 34, 120बी और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।