हिमाचल में यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के नाम पर फर्जीवाड़ा
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स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिला में यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के फर्जी कार्ड बनाने का मामला सामने आया है। कांगड़ा जिले के जवाली पुलिस थाने में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
आरोप है कि तीनों शातिर फर्जी कार्ड बनाकर होम डिलिवरी करने का दावा कर रहे थे। इसके एवज में प्रति कार्ड 1100 रुपये वसूले जा रहे थे। एसपी कांगड़ा संतोष पटियाल ने मामले में एफआईआर दर्ज करने की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
जानकारी के अनुसार जवाली उपमंडल की एक पंचायत में अमित सिंह निवासी शाहपुर, उपेंद्र सिंह निवासी कथौली और रविंद्र सिंह निवासी देहरा घर-घर जाकर लोगों के हेल्थ कार्ड बना रहे थे। अभी तक इन तीन लोगों ने 16 परिवारों के हेल्थ कार्ड बनाए थे।
ऐसे सामने आया फर्जीवाड़ा
किसी एक परिवार के सदस्य ने इस कार्ड को चलाया, लेकिन कार्ड नहीं चला। इस पर स्वास्थ्य विभाग से शिकायत की गई। जब स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया, तो यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम कार्ड का फर्जीवाड़ा सामने आ गया।
जांच में पता चला कि होम डिलिवरी के नाम पर लोगों से 1100 रुपये वसूले जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग कांगड़ा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरदर्शन गुप्ता ने कहा कि यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के कार्ड का पंजीकरण किए जाने की शिकायत मिली है।
इस मामले में पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने ऐसे किसी भी व्यक्ति या संस्था को कार्ड बनाने के लिए अधिकृत नहीं किया है। ऐसे कार्ड बनाने में संलिप्त व्यक्तियों या संस्थाओं पर विभाग कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
सिर्फ धर्मशाला व भवारना में बन रहे हैं कार्ड
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से आग्रह किया है कि यदि कोई व्यक्ति अथवा संस्था ऐसे कार्ड बनाती है या उन्हें कार्ड बनाने के लिए मजबूर करती है तो वे तुरंत मुख्य चिकित्सा अधिकारी के दूरभाष नंबर 01892-224874 और ई-मेल आईडी cmokangra@yahoo.co.in पर शिकायत करें।
अभी कांगड़ा जिले में इस स्कीम के कार्ड बनाने के लिए सिर्फ जोनल अस्पताल धर्मशाला और बीएमओ कार्यालय भवारना को अधिकृत किया गया है। इन दो स्थानों पर ही यूनिवर्सल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के कार्ड बनाए जा रहे हैं।