कोरोना वायरस: मस्जिद के इमाम और दो सहयोगियों पर मामला दर्ज
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हिमाचल के बिलासपुर जिले के घुमारवीं जामा मस्जिद के इमाम और दो सहयोगियों पर कोरोना वायरस को लेकर झूठी जानकारी देने, प्रशासन और पुलिस के आदेशों की अवहेलना करने पर मामला दर्ज किया गया है। 31 मार्च को पुलिस को सूचना मिली थी कि ऊना के नकड़ोह स्थित मस्जिद में मंडी के सात लोग ठहरे थे। सूचना थी कि सातों लोग दिल्ली स्थित निजामुद्दीन मस्जिद के मरकज में शामिल हुए थे।
पुलिस को सूचना मिली कि सातों लोग घुमारवीं स्थित जामा मस्जिद में पहुंचे तथा 20 मार्च तक रुके। इसके आधार पर पुलिस थाना का प्रभार देख रहीं आईपीएस ऑफिसर सृष्टि पांडे ने जामा मस्जिद के इमाम मोहम्मद अयूब और सहयोगी अनीश अहमद से पूछताछ की। पुलिस तफ्तीश में पता चला कि ये 7 लोग घुमारवीं की जामा मस्जिद में नहीं ठहरे थे। मामले के तीनों आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की नियत से झूठी सूचना उपलब्ध करवाई।
पुलिस तफ्तीश में आया कि तीनों लोगों ने जानबूझकर झूठे तथ्य गुमराह करने की नियत से पुलिस के समक्ष पेश किए तथा प्रशासन की ओर से जारी किए गए आदेशों की उल्लंघना की। घुमारवीं पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 177, 182 व 120 बी के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है। डीएसपी राजेंद्र कुमार जसवाल ने मामले की पुष्टि की है।
पुलिस की सख्ती पर बयान से पलटा मौलवी
ऊना में मामला उजागर होने के बाद घुमारवीं पुलिस और प्रशासन हरकत में आया और फिर कड़ाई से जब मौलवी से पूछा गया तो वह एकाएक अपने बयान से पलट गया। कहा कि ये लोग घुमारवीं मस्जिद में नहीं आए थे। इससे पुलिस ने मौलवी और उनके सहयोगियों के खिलाफ पुलिस को गुमराह करने का मामला दर्ज कर दिया गया है।
डीएसपी राजेंद्र कुमार जसवाल ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम की छानबीन करने के बाद पाया गया कि मौलवी और उसके दो सहयोगी पुलिस को गुमराह कर रहे हैं तथा झूठी जानकारी उपलब्ध करवाई गई है। दिल्ली की मरकज में शिरकत करने वाले लोग घुमारवीं में नहीं आए थे तथा वह सीधे ऊना ही चले गए हैं। पुलिस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रख कर मामले की छानबीन कर रहे हैं।