बच्चों से जातीय भेदभाव मामले में स्कूल प्रबंधन पर हुई बड़ी कार्रवाई
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कुल्लू जिले की दुर्गम पंचायत शिल्ही राजगिरी के हाई स्कूल चेष्टा में जातीय भेदभाव मामले में न्यायिक जांच पूरी हो गई है। जांच रिपोर्ट में सोशल मीडिया में वायरल शिकायत और वीडियो सही पाए गए हैं। डीसी यूनुस ने आगामी कार्रवाई के लिए रिपोर्ट पुलिस विभाग और शिक्षा सचिव को भेजी है।
रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस थाना भुंतर में स्कूल प्रबंधन/स्टॉफ और एसएमसी अध्यापक मेहर चंद, मिड डे मील वर्कर दिला राम के खिलाफ छुआछूत अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। भुंतर पुलिस थाना में छुआछूत अधिनियम 2016 की धारा 3 (1) आर के तहत मामला दर्ज किया है।
मामले में अब राजपत्रित अधिकारी जांच करेगा। पुलिस की ओर से बयान दर्ज किए जाएंगे। सूत्रों की मानें तो मजिस्ट्रियल जांच में शिकायत में लिखे गए तथ्य सही पाए गए हैं। रिपोर्ट में बच्चों के साथ जातीय भेदभाव होने का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में बच्चों को घोड़ों को बांधने वाले स्थल के पास बैठाने के तथ्य सामने आए हैं।
यह है मामला
डीसी यूनुस ने बताया कि चेष्टा स्कूल मामले में मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट आगामी कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग और शिक्षा सचिव को भेज दी गई है। नियमानुुसार कार्रवाई अमल पर लाई जा रही है।
वहीं, एएसपी कुल्लू निश्चिंत सिंह नेगी ने बताया कि मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन/स्टॉफ के खिलाफ छुआछूत अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। डीएसपी मनाली शेर सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा गया है।
यह है मामला
राजकीय हाई स्कूल चेष्टा में पीएम नरेंद्र मोदी के परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम को दिखाने के लिए एसएमसी अध्यक्ष के घर बच्चों को ले जाया गया। यहां एक जाति विशेष के बच्चों को अन्य बच्चों से दूर घोड़ों को बांधने वाली जगह के पास बैठाया गया।
इस संबंध में सोशल मीडिया पर एक वीडियो और शिकायत वायरल हुई। इस पर संज्ञान लेते हुए डीसी यूनुस ने मजिस्ट्रियल जांच बैठाई थी।
हेडमास्टर समेत पांचों शिक्षकों का तबादला, एसएमसी भंग
जिला कुल्लू के हाई स्कूल चेष्टा से हेडमास्टर सहित पांचों शिक्षकों को स्थानांतरित कर दिया गया है। उपायुक्त कुल्लू की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए शिक्षा सचिव अरुण कुमार शर्मा ने शिक्षा निदेशालय को पांचों शिक्षकों के तबादले करने के आदेश जारी किए हैं।
इन शिक्षकों को अगले आदेशों तक जिला उपनिदेशक कार्यालय या शिक्षा निदेशालय में नियुक्त करने को कहा गया है। शिक्षा सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री को भी मामले से अवगत कराया गया है। जातीय भेदभाव और छूआछूत का मामला सामने आने के बाद हुई जांच में शिक्षकों की लापरवाही सामने आई है।
शिक्षा विभाग ने भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए भी प्लान करना शुरू कर दिया है। शिक्षा सचिव अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि अब सरकारी स्कूलों में रोल नंबर के हिसाब से ही विद्यार्थियों को अनिवार्य तौर पर मिड डे मील दिया जाएगा।
ऐसा नहीं करने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि स्कूली विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को जातीय भेदभाव और छूआछूत के प्रति जागरूक करने के लिए सामाजिक संगठनों की मदद ली जाएगी।
शिक्षकों पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार
शिमला। छुआछूत अधिनियम 2016 की धारा 3 (1) आर के तहत मामला दर्ज होते ही चेष्टा स्कूल के शिक्षकों पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। संभावित है कि एक-दो दिनों के भीतर शिक्षक गिरफ्तार हो जाएंगे। उधर, शिक्षा निदेशालय वीरवार को इन शिक्षकों को सस्पेंड भी कर सकता है।
चेष्टा स्कूल की एसएमसी भंग
शिमला। सरकार ने उपायुक्त कुल्लू की रिपोर्ट मिलते ही चेष्टा स्कूल की स्कूल मैनेजमेंट कमेटी को भी भंग कर दिया है। शिक्षा सचिव अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि जल्द ही नए सिरे से स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का गठन किया जाएगा।