तेजधार हथियार से रेत डाला खुद का गला, मौत पर सस्पेंस
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एक शख्स ने तेजधार हथियार से खुद का गला रेत डाला। परिवार के लोग जब घर पहुंचे तो ये मंजर देख सबके होश उड़ गए। मामला हिमाचल के चंबा का है। यहां ग्राम पंचायत खजियार के गांव लाहड़ा निवासी एक व्यक्ति ने गला रेत कर रविवार सुबह आत्महत्या कर ली।
मृतक की पहचान राजेंद्र कुमार उम्र 48 साल पुत्र जगत राम निवासी गांव लाहड़ा ग्राम पंचायत खजियार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार भेड़ की ऊन कातने वाले नुकीले हथियार (कात) का प्रयोग राजेंद्र ने अपना गला रेतने के लिए किया है। जब उसने इस नुकीले हथियार से अपना गला रेता तो उस वक्त घर के अन्य सदस्य बाहर थे।
परिजन जब घर वापिस पहुंचे तो उन्हें राजेंद्र मृत अवस्था में मिला। परिवार के सदस्यों के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुन कर स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचित किया। करीब दस बजे पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूर्ण कर शव को कब्जे में लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल चंबा पहुंचाया।
एएसपी चंबा वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि पुलिस को सुबह दस बजे के करीब मामले की जानकारी मिली थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने भादंसं की धारा 174 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
दो परिवारों को पालन पोषण कर रहा था राजेंद्र
गला रेत कर राजेंद्र ने अपनी ईहलीला तो समाप्त कर ली, लेकिन अब उनका क्या होगा जिन्हें राजेंद्र पीछे छोड़ गया है। राजेंद्र एक परिवार नही बल्कि दो परिवारों को पालन पोषण कर रहा था। अपने परिवार के साथ अपने बड़े भाई के परिवार के भी खर्चे की जिम्मेवारी राजेंद्र के कंधे पर थी।
राजेंद्र का यकायक आत्महत्या करना समझ से परे है। राजेंद्र के परिवार को अभी तक यह विश्वास नहीं हो रहा कि जिम्मेवार राजेंद्र इतना बड़ा कदम कैसे उठा सकता है। राजेंद्र के बड़े भाई की मौत 15 साल पहले हुई थी। तब से लेकर अब तक अपने परिवार सहित अपने बड़े भाई के परिवार की जिम्मेवारी वह ही निभा रहा था।
राजेंद्र के परिवार में दो बेटे और एक लड़की है। एक बेटे और लड़की की शादी को चुकी है, जबकि एक लड़का अभी भी कुंवारा है। वहीं, राजेंद्र के बड़े भाई के तीन बेटे हैं मजदूरी कर कुछ हद तक वे अपने चाचा की मदद करते थे, ताकि उन पर अधिक बोझ न पड़े। लेकिन, राजेंद्र के इस कदम ने अब दो परिवारों का पालन-पोषण करने वाला ही छीन लिया है।