पार्षदों के बाद अब एमसी अफसरों में घमासान, सरकार ने मांगी जांच रिपोर्ट
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नगर निगम में भाजपा पार्षदों की आपसी खींचतान के बाद दो अफसरों के बीच घमासान छिड़ गया है। दोनों आए दिन एक दूसरे का आरटीआई से रिकॉर्ड जुटा रहे हैं जिससे चर्चाओं का माहौल गरम हो गया है। अब दोनों अफसरों के खिलाफ चल रही विभागीय जांच पर सरकार ने भी रिपोर्ट मांग ली है। सरकार ने निगम प्रशासन को नोटिस जारी कर जल्द इनकी जांच रिपोर्ट भेजने को कहा है। निगम में कई महीनों से अधिकारी और शाखा अधीक्षक के बीच विवाद चल रहा है। अफसर के खिलाफ जहां ऑडियो क्लिप मामले को लेकर जांच चल रही है वहीं, अधीक्षक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच चल रही है।
हाल ही में पार्षदों ने ऑडियो क्लिप मामले में निगम अधिकारी के तबादले को लेकर सरकार से मांग की थी। सरकार ने इस मामले पर निगम आयुक्त से कमेंट मांगे हैं। वहीं अधीक्षक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच कहां तक पहुंची, इसकी भी रिपोर्ट देने को कहा है। उधर अफसरों में बढ़ते टकराव से प्रशासन भी मुश्किल में पड़ गया है। महापौर ने भी दोनों के विवादों से किनारा कर रखा है।
अफसरों में नहीं थम रहा विवाद
निगम अधिकारियों में चल रहा विवाद थमने की बजाय और बढ़ता जा रहा है। अब निगम अफसर पर सरकारी गाड़ी के दुरुपयोग को लेकर लग रहे आरोपों पर भी जांच की मांग की जा रही है। इसके अलावा कर्मचारियों का एक गुट अधिकारी पर कई और आरोप भी लगा रहा है। हालांकि, इनकी जांच अभी शुरू नहीं हुई है। वहीं, अफसर ने भी अधीक्षक की प्रमोशन को लेकर आरटीआई लगा रखी है।
संयुक्त आयुक्त करेंगे आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच
शाखा अधीक्षक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की जांच का जिम्मा संयुक्त आयुक्त अनिल शर्मा को दिया है। अधीक्षक के खिलाफ जिस व्यक्ति ने शिकायत की है, उसे जांच में शामिल होने के लिए बुलाया है। शिकायतकर्ता को पहले भी बुलाया गया था, लेकिन यह नहीं आया। अब इसे दोबारा बुलाया है। यदि शिकायतकर्ता इस बार भी नहीं आया तो जांच बंद कर दी जाएगी।