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आखिरकार रेप पीड़िता को मिला न्याय, आरोपी को कैद
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 20 Sep 2016 09:35 AM IST
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हिमाचल हाईकोर्ट
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हाईकोर्ट ने मंडी जिले के करसोग के चमनलाल को मानसिक रूप से पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में दोषी ठहराते हुए 7 साल के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर ने अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश मंडी द्वारा दोषी को मामले में बरी किए जाने के खिलाफ सरकार द्वारा दायर अपील को मंजूर करते हुए यह सजा सुनाई।
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मामले के अनुसार 1 अप्रैल 2008 को दोषी ने 19 वर्षीय पीड़िता को जंगल में पशुओं को चराने के दौरान अकेले पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। उसे धमकी दी थी कि अगर उसने इस घटना बारे किसी को बताया तो वह उसे जान से मार देगा।
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मामला दर्ज होने पर दोषी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 व 506 के तहत अतिरिक्त विशेष जज मंडी के समक्ष मुकद्दमा चलाया गया। 23 गवाहों को कोर्ट में पेश करने के बावजूद अभियोजन पक्ष निचली अदालत में दोषी का दोष साबित नहीं कर पाया और दोषी को मामले में बरी किया था।
निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सरकार व दोषी ने हाईकोर्ट में अपील की थी। कोर्ट ने सरकार की अपील स्वीकार करते हुए कोर्ट ने दोषी को सजा सुनाई।