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नाबालिग भतीजी से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की कैद

Sun, 18 Nov 2018 12:23 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला Updated Sun, 18 Nov 2018 12:23 PM IST
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10 year imprisonment in rape case dharamshala himachal pradesh

उपमंडल शाहपुर की एक नौ वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में रिश्ते में चाचा पर दोष सिद्ध होने पर अदालत ने 10 साल कठोर कारावास और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा जुर्माने की राशि अदा न करने की सूरत में दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह सजा न्यायाधीश राजेश तोमर की विशेष अदालत ने सुनाई।

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मामले की जानकारी देते हुए जिला न्यायवादी राजेश वर्मा ने बताया कि 10 सितंबर, 2012 को शाहपुर उपमंडल की एक नौ वर्षीय बच्ची अपनी बहन और भाई के साथ स्कूल जा रही थी। इस दौरान पीड़िता के रिश्ते में लगने वाले चाचा राकेश कुमार उर्फ फंगड़ निवासी सहोड़ा तहसील कांगड़ा ने गेट की दुकान से टॉफियां खरीदी और नाबालिग को अपने साथ यह कहकर ले गया कि उसे कापी खरीद कर देगा।
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इसके बाद वह नाबालिग का बैग उसकी बड़ी बहन के पास देकर उसे अपने साथ ले गया। जब काफी देर तक वह स्कूल नहीं पहुंची तो अध्यापिका ने उसका पता लगाने के लिए बहन को उसके घर भेजा तो उसने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।

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इसके बाद काफी पड़ताल के बाद परिजनों ने पुलिस थाना शाहपुर में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज होने के बाद छानबीन शुरू की। इसके बाद 11 सितंबर को नाबालिग को जसूर से बरामद किया गया। इस दौरान नाबालिग ने बताया कि आरोपी उसे खड्ड में ले जाकर दुष्कर्म और अप्राकृतिक रूप से दुराचार कर वहां से भाग गया।

पीड़िता के मेडिकल में इसकी पुष्टि होने के बाद आरोपी पर मामला भी दर्ज हुआ। आरोपी की तलाश के लिए पुलिस ने हर जगह छापामारी की, लेकिन काफी समय तक उसका पता नहीं लगा। उसके बाद आरोपी का स्कैच बनाकर विभिन्न थानों में जारी हुआ। काफी मशक्कत के बाद आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लिया और माननीय न्यायाधीश राजेश तोमर की अदालत में मामला पहुंचा।

इस मामले की पैरवी उपजिला न्यायवादी केडी शर्मा और डीके चौधरी ने भी की। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से 29 गवाह पेश हुए और दोष सिद्ध होने पर विशेष अदालत ने दोषी को 10 साल कैद और 70 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।

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