फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   10 children rescued from mandi

पढ़ाई के नाम पर मासूमों से करवा रहे थे मजदूरी

Tue, 29 Jul 2014 12:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी Updated Tue, 29 Jul 2014 12:25 PM IST
विज्ञापन
10 children rescued from mandi

भगवान बुद्ध की नगरी बौद्धगया के दस मासूम बच्चों को बहला फुसलाकर गुरु पदमसंभव की कर्मस्थली रिवालसर में बाल मजदूरी करवाई जा रही थी। स्थानीय चाइल्ड हेल्पलाइन ने इन बच्चों को ढाबों और रेस्तरां मालिकों से मुक्त कराया।

विज्ञापन


कुछ बच्चों ने बयान दिया है कि रिवालसर का एक व्यक्ति उन्हें उनके घर से पढ़ाई करवाने के नाम पर लाया गया था जबकि उनसे मजदूरी करवाई जा रही है। अब इन बच्चों को सुंदरनगर बाल आश्रम भेजा गया है। इनका मेडिकल करवाया जाएगा।
विज्ञापन


मंडी चाइल्ड हेल्पलाइन को मुंबई से अज्ञात लोगों ने बच्चों के बारे में फोन पर सूचना दी। इस पर चाइल्ड हेल्पलाइन ने श्रम अधिकारी, एसडीएम सदर तथा एएसपी मंडी को इस बारे में सूचित कर उनसे बच्चों को मुक्त कराने की अनुमति मांगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके पश्चात चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान पाया गया कि रिवालसर के अधिकांश ढाबों और रेस्तराओं में बाल मजदूरी करवाई जा रही है।

चाइल्ड लाइन ने छुड़वाए बच्चे


चाइल्ड हेल्पलाइन मंडी के केंद्रीय समन्वयक मूलराज ने बताया कि सोमवार को पुलिस चौकी रिवालसर के एएसआई चिरंजी लाल की अगुवाई में पुलिस की मदद से सभी दस बच्चों को ढाबों और रेस्तरां से मुक्त कराया।


इन बच्चों ने आपबीती दास्तां बताई कि रिवालसर का एक व्यक्ति उन्हें यह कहकर लाया था कि उन्हें स्कूल में पढ़ाया जाएगा जबकि उसने उनके मां-बाप को प्रति बच्चा दो-दो हजार रुपये अदा किए। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष चंद्र सिंह ने बताया कि बच्चों को सुंदरनगर बाल आश्रम भेज दिया है। ढाबा मालिकों पर विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed