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तो क्या मंत्री पद के लिए नई चाल चल रहे है धर्माणी?

Sun, 11 May 2014 10:55 AM IST
Updated Sun, 11 May 2014 10:55 AM IST
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CPS Rajesh Dharmani has resigned from his post

मुख्य संसदीय सचिव पद से घुमारवीं के कांग्रेस विधायक राजेश धर्माणी के इस्तीफे की रणनीति का कनेक्शन कहीं प्रदेश सरकार में खाली चल रहे एक मंत्री पद से तो नहीं है।

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पूर्व में मंत्रिमंडल की इस एक रिक्ति के लिए राजेश धर्माणी के समर्थक उनका नाम दिल्ली में राहुल गांधी के समक्ष रख चुके हैं। वह भी एक नक्शे का प्रमाण देकर।
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इस नक्शे के साथ उनकी दलील थी कि बिलासपुर को मंत्री इसलिए मिलना चाहिए कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र का यह क्षेत्र झंडी के मामले में उपेक्षित हुआ है।

मौजूदा वीरभद्र सरकार में हैं दस मंत्री

CPS Rajesh Dharmani has resigned from his post

प्रदेश सरकार में मौजूदा समय में वीरभद्र सरकार में मुख्यमंत्री के साथ 10 मंत्री हैं। मुख्यमंत्री के साथ केवल 11 मंत्री हो सकते हैं। 11वें मंत्री का पद खाली चल रहा है।

सरकार बनने के बाद केवल 9 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई थी। इसके बाद 2 नए मंत्रियों के रूप में ताजपोशी को शुरू में 2 नाम खूब चले। मंडी लोकसभा उपचुनाव के ठीक पहले ये नाम अनिल शर्मा और कर्ण सिंह के चर्चा में थे।

स्वयं मुख्यमंत्री ने उन्हें पैनल में बताया था। इनके साथ कुलदीप कुमार, मनसाराम और आशा कुमारी भी इस पद की रेस में माने गए। अनिल शर्मा तो इस उपचुनाव से पहले मंत्री बन गए। कर्ण सिंह बनते-बनते रह गए। अन्य पर विचार नहीं हुआ।

राहुल गांधी तक पहुंचा था धर्माणी का मामला

CPS Rajesh Dharmani has resigned from his post

इसी बीच राजेश धर्माणी के समर्थकों ने भी राहुल गांधी तक एक नक्शा पहुंचाकर उन्हें भी मंत्री पद की दावेदारी में शुमार कर दिया। ये उपचुनाव निपटे तो यह माना जाने लगा कि अब लोकसभा चुनावों से पहले 11वें मंत्री की ताजपोशी हो जाएगी। पर नहीं हुई।

2 अक्तूबर को राजेश धर्माणी का पहला इस्तीफा भी इसी रणनीति का हिस्सा माना गया। अब लोकसभा चुनाव परिणाम के ठीक पहले दिए गए इस्तीफे का कनेक्शन भी मंत्री के रिक्त पद से जुड़ने लगा है। हमीरपुर सीट का परिणाम चाहे जिस दिशा में हो।

हालांकि, धर्माणी बोले कि इस विषय पर वह केवल इतना ही कहेंगे कि मुख्य संसदीय सचिव का पद असंवैधानिक है और इसका कोई मतलब नहीं है। उनसे जब पूछा गया कि क्या उनकी मंत्री पद पर नजर है? इस पर बोले कि ऐसा नहीं है। उन्हें तो जनता की सेवा करनी है। यह भी उनके क्षेत्र की जनता का आदेश है।

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