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नोटबंदी के खिलाफ मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी ने किया जोरदार प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 21 Nov 2016 10:39 PM IST
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केंद्र सरकार की ओर से 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के खिलाफ हिमाचल में भी प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। सोमवार को मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किया। माकपा नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले से आम जनता का जीना मुश्किल हो गया है। पार्टी ने फैसला वापस नहीं लेने पर सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
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शिमला में पार्टी के राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद, पूर्व विधायक राकेश सिंघा, नगर निगम के महापौर संजय चौहान, उपमहापौर टिकेंद्र पंवर की अगुवाई में प्रदर्शन किया गया। पार्टी की लोकल कमेटी के सचिव विजेंद्र मेहरा ने बताया कि सोमवार को पूरे प्रदेश में केंद्र के फैसले का विरोध किया गया।
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केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले से जनता को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों की मौत तक हो गई है। शादी समारोह की तैयारियों में जुटे लोग भारी दिक्कत झेल रहे हैं। खुदरा कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जनता की समस्याओं के प्रति केंद्र सरकार पूरी तरह से संवेदनहीन हो गई है।
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पार्टी सचिव डॉ. ओंकार शाद ने कहा कि केंद्र सरकार की यह कार्रर्वाई केवल प्रतीकात्मक है। काले धन वालों पर कार्रवाई की आड़ में आम जनता, मजदूरों, किसान, मध्यम वर्ग, छोटे कारोबारियों और कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है। गरीबों को अपनी कमाई का लेन-देन करने के लिए घंटों बैंकों और एटीएम की लाइनों में लगना पड़ रहा है।
इस फैसले के चलते मजदूरों को अपनी दिहाड़ी गंवानी पड़ रही है। अगर केंद्र सरकार काले धन के मुद्दे पर गंभीरता से कार्य करना चाहती है तो स्विस बैंक के खाताधारकों के नाम सार्वजनिक कर उन पर कार्रवाई करनी चाहिए। केंद्र सरकार का 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने और एक्सचेंज करने का फैसला अव्यवहारिक है।