Mandi: अदालत ने छात्रा के हत्यारोपी को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा, फॉरेंसिक तथ्य भी जुटा रही पुलिस
मंडी जिले के सरकाघाट के बैंजी गांव निवासी 19 वर्षीय छात्रा सिया की हत्या के मामले में आरोपी को अदालत ने 20 अप्रैल तक पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सरकाघाट के बैंजी गांव निवासी 19 वर्षीय छात्रा सिया की हत्या के मामले में आरोपी को अदालत ने 20 अप्रैल तक पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी को गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच धर्मपुर न्यायालय में पेश किया गया। इससे पहले वह न्यायिक हिरासत में था और नेरचौक मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन था। जानकारी के अनुसार, पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में जुर्म स्वीकार करने के बाद अब आरोपी टूटता नजर आ रहा है। पुलिस का मानना है कि रिमांड के दौरान हत्या के कारणों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। पहले पूछताछ में जब भी आरोपी से संबंधित लड़की का जिक्र किया जाता था, वह चुप्पी साध लेता था। हत्याकांड के बाद लोगों में आक्रोश है। कई जगह पर लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किए हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार भी कर रही है। इसके बाद कुछ नमूनों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को मजबूत किया जा सके। पुलिस तकनीकी जांच पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले और बाद में आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और उसकी गतिविधियां क्या रहीं। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। फिलहाल हत्या के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और रिमांड के दौरान पूछताछ के बाद ही पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जुड़ने और वास्तविक कारण सामने आने की उम्मीद है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस वारदात में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
आरोपी कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश
पुलिस अधीक्षक मंडी विनोद कुमार ने बताया कि मामला गंभीर है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पुलिस ने गुरुवार सुबह आरोपी को कड़ी सुरक्षा में धर्मपुर स्थित कोर्ट में पेश किया। थाना प्रभारी सरकाघाट रजनीश ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस बल और कमांडो तैनात रहे। मामला संवेदनशील होने के कारण प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। पेशी के दौरान आम लोगों की आवाजाही पर भी नजर रखी गई।