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Shimla News: कनाडा के लिए यूरोप का ट्रांजिट वीजा उपलब्ध न करवाने पर कंपनी पर ठोका जुर्माना
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मैड्रिड और लिस्बन का वीजा नहीं होने पर युवक को दिल्ली-टोरंटो फ्लाइट में नहीं दी चढ़ने की अनुमतिपीड़ित ने स्टडी वीजा पर कनाडा जाने के लिए ट्रेवल कंपनी से लिया था हवाई टिकट, अनुबंध के अनुसार टूर ट्रेवल कंपनी ने नहीं दी सेवा
पीड़ित को दो गुना दर पर लेना पड़ा था अतिरिक्त एयर टिकट
दीपक मेहता
शिमला। उपभोक्ता आयोग ने कनाडा में ओंटारियो के एक कॉलेज में होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई करने जा रहे छात्र को यूरोप का ट्रांजिट वीजा उपलब्ध न करवाने पर हरियाणा की एक ट्रैवल कंपनी पर जुर्माना ठोका है। आयोग ने यात्रा ऑनलाइन प्राइवेट लिमिटेड को सेवा में कमी होने का दोषी मानते हुए 45,690 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी को मानसिक प्रताड़ना और वाद व्यय में भी 15 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह और सदस्य कैलाश चंद की पीठ ने यह फैसला सुनाया है। राजधानी के चक्कर निवासी पंकज तंवर ने बताया था कि 28 अगस्त, 2019 को गुरुग्राम स्थित यात्रा ऑनलाइन प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से कनाडा के लिए ईशांत ब्रगटा के नाम से 55,263 रुपये में ई-टिकट बुक की थी। एयर पुर्तगाल नाम की एयरलाइन 3 सितंबर को नई दिल्ली आईजीआई हवाई अड्डे से टोरंटो, कनाडा के लिए प्रस्थान करने वाली थी। इसे मैड्रिड और लिस्बन में रुकना था। ईशांत हवाई अड्डे पर पहुंचा तो दस्तावेजों की जांच के दौरान एयर इंडिया कर्मियों ने सूचित किया कि उसके पास मैड्रिड के लिए ट्रांजिट वीजा नहीं है, इसलिए उसे फ्लाइट में चढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। ईशान को 6 सितंबर तक कॉलेज में दाखिला लेना था। इस स्थिति में उसे मजबूरन दिल्ली एयरपोर्ट पर अकबर ट्रैवल्स डेस्क से कैथे पैसिफिक एयरलाइंस का 93,497 रुपये का नया टिकट खरीदकर रवाना होना पड़ा था। इसके बाद 5 नवंबर 2019 को सर्विस नहीं देने पर मामले की शिकायत उपभोक्ता आयोग में की गई। उधर, आयोग ने दोनों पक्षों के तर्कों, दलीलों और साक्ष्यों का अध्ययन करने के बाद उपभोक्ता की शिकायत को स्वीकार किया है। आयोग ने जुर्माने की रकम 9 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ 45 दिनों में लौटाने के निर्देश दिए हैं। संवाद
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यह है पूरा मामला
ईशांत को कनाडा सरकार से 28 अगस्त 2019 की ईमेल के माध्यम से कनाडा में अध्ययन करने की मंजूरी भी मिली थी। कॉलेज में शामिल होने की तारीख 3 सितंबर थी। इसलिए उड़ानों की अनुपलब्धता के कारण ईशांत ने कॉलेज से ज्वाइनिंग की तारीख बढ़ाने का आग्रह किया था, जिसे 6 सितंबर तक विस्तार दिया गया था। इस बीच शिकायतकर्ता पंकज ने यात्रा ऑनलाइन के माध्यम से दिल्ली से टोरंटो तक मैड्रिड और लिस्बन में स्टॉपओवर के साथ टिकट बुक करवाई, लेकिन प्रस्थान के दिन मैड्रिड के लिए ट्रांजिट वीजा नहीं होने पर ईशांत को उड़ान में चढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद नोटिस के माध्यम से इसकी जानकारी ट्रैवल कंपनी को दी, लेकिन कंपनी ने मैड्रिड के लिए टिकट बुक करने पहले कभी भी ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता के बारे में जानकारी नहीं देने की गलती मानने से इन्कार कर दिया था।
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पीड़ित को दो गुना दर पर लेना पड़ा था अतिरिक्त एयर टिकट
दीपक मेहता
शिमला। उपभोक्ता आयोग ने कनाडा में ओंटारियो के एक कॉलेज में होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई करने जा रहे छात्र को यूरोप का ट्रांजिट वीजा उपलब्ध न करवाने पर हरियाणा की एक ट्रैवल कंपनी पर जुर्माना ठोका है। आयोग ने यात्रा ऑनलाइन प्राइवेट लिमिटेड को सेवा में कमी होने का दोषी मानते हुए 45,690 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी को मानसिक प्रताड़ना और वाद व्यय में भी 15 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं।
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जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह और सदस्य कैलाश चंद की पीठ ने यह फैसला सुनाया है। राजधानी के चक्कर निवासी पंकज तंवर ने बताया था कि 28 अगस्त, 2019 को गुरुग्राम स्थित यात्रा ऑनलाइन प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से कनाडा के लिए ईशांत ब्रगटा के नाम से 55,263 रुपये में ई-टिकट बुक की थी। एयर पुर्तगाल नाम की एयरलाइन 3 सितंबर को नई दिल्ली आईजीआई हवाई अड्डे से टोरंटो, कनाडा के लिए प्रस्थान करने वाली थी। इसे मैड्रिड और लिस्बन में रुकना था। ईशांत हवाई अड्डे पर पहुंचा तो दस्तावेजों की जांच के दौरान एयर इंडिया कर्मियों ने सूचित किया कि उसके पास मैड्रिड के लिए ट्रांजिट वीजा नहीं है, इसलिए उसे फ्लाइट में चढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। ईशान को 6 सितंबर तक कॉलेज में दाखिला लेना था। इस स्थिति में उसे मजबूरन दिल्ली एयरपोर्ट पर अकबर ट्रैवल्स डेस्क से कैथे पैसिफिक एयरलाइंस का 93,497 रुपये का नया टिकट खरीदकर रवाना होना पड़ा था। इसके बाद 5 नवंबर 2019 को सर्विस नहीं देने पर मामले की शिकायत उपभोक्ता आयोग में की गई। उधर, आयोग ने दोनों पक्षों के तर्कों, दलीलों और साक्ष्यों का अध्ययन करने के बाद उपभोक्ता की शिकायत को स्वीकार किया है। आयोग ने जुर्माने की रकम 9 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ 45 दिनों में लौटाने के निर्देश दिए हैं। संवाद
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यह है पूरा मामला
ईशांत को कनाडा सरकार से 28 अगस्त 2019 की ईमेल के माध्यम से कनाडा में अध्ययन करने की मंजूरी भी मिली थी। कॉलेज में शामिल होने की तारीख 3 सितंबर थी। इसलिए उड़ानों की अनुपलब्धता के कारण ईशांत ने कॉलेज से ज्वाइनिंग की तारीख बढ़ाने का आग्रह किया था, जिसे 6 सितंबर तक विस्तार दिया गया था। इस बीच शिकायतकर्ता पंकज ने यात्रा ऑनलाइन के माध्यम से दिल्ली से टोरंटो तक मैड्रिड और लिस्बन में स्टॉपओवर के साथ टिकट बुक करवाई, लेकिन प्रस्थान के दिन मैड्रिड के लिए ट्रांजिट वीजा नहीं होने पर ईशांत को उड़ान में चढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद नोटिस के माध्यम से इसकी जानकारी ट्रैवल कंपनी को दी, लेकिन कंपनी ने मैड्रिड के लिए टिकट बुक करने पहले कभी भी ट्रांजिट वीजा की आवश्यकता के बारे में जानकारी नहीं देने की गलती मानने से इन्कार कर दिया था।