Coronavirus: बाहरी राज्यों से आने वालों में बीमारी के लक्षण मिले तो संस्थागत क्वारंटीन
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परिवहन सेवाएं शुरू होने के साथ-साथ कोरोना महामारी के प्लान में भी बड़ा बदलाव किया है। बाहरी राज्यों और रेड जोन से आने वाले लोग, जिनमें बीमारी के लक्षण होंगे, उन्हें संस्थागत क्वारंटीन किया जाएगा। जिन लोगों में लक्षण नहीं पाए जाते हैं उन्हें घर भेजकर 14 दिन तक होम क्वारंटीन अनिवार्य किया है। जो लोग बाहरी राज्यों से आएंगे उन्हें यहां आकर पास बनाना होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने इसकी अधिसूचना जारी की है। एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाले लोगों को भी अब घर में ही 14 दिन तक होम क्वारंटीन नहीं होना पड़ेगा। हिमाचल से दूसरे राज्यों में जाने के लिए पास अनिवार्य किया गया है। 48 घंटे के भीतर लोगों को वापस होना होगा।
अगर नहीं आते हैं तो उसे होम क्वारंटीन होना पड़ेगा। अगर लक्षण पाए जाते हैं तो उन्हें संस्थागत क्वारंटीन किया जाएगा। सरकार ने सैंपल लेने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। अगर क्वारंटीन लोगों की तबीयत खराब होती है तो उन्हें 104 नंबर पर सूचित करना होगा। ऐसे में स्वास्थ्य कार्यकर्ता मोबाइल वैन लेकर घर आएंगे। सैंपल लेने पर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सैंपल लेने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सैंपल कोरोना पॉजिटिव आने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को उपचार के लिए अस्पताल लाया जाएगा। सरकार का मानना है कि क्वारंटीन किए गए लोगों के फोन नंबर लिए गए हैं। इन लोगों को ऐप के साथ जोड़ा गया है। अगर यह लोग इधर-उधर घूमते हैं तो उन्हें ट्रेस किया जा सकेगा।