coronavirus: हिमाचल के सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टियां बढ़ीं, आंगनबाड़ी केंद्र भी रहेंगे बंद
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भारत समेत दुनियाभर में कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए हिमाचल की जयराम सरकार ने सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टियां बढ़ाने का फैसला लिया है। सरकार ने लॉकडाउन और कर्फ्यू को देखते हुए प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, क्रेच और सिनेमाघर आदि को 14 अप्रैल तक बंद रखने का फैसला लिया है। मंगलवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। नए आदेश एक अप्रैल से 14 अप्रैल तक लागू रहेंगे। हिमाचल एपीडेमिक डिजीज कोविड-19 रेगुलेशन 2020 के अंतर्गत जारी आदेश मानना कानूनी बाध्यता होगी।
पहले 31 मार्च तक सभी संस्थानों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए थे। मंगलवार को संस्थानों को 14 अप्रैल तक बंद रखने का फैसला लिया गया। इसके अलावा प्रदेश भर में सामाजिक, सांस्कृतिक, खेल, राजनीतिक, धार्मिक, अकादमिक, पारिवारिक समूहों आदि को इकट्ठा होने या किसी भी कार्यकलाप के लिए प्रतिबंधित किया है। अतिरिक्त मुख्यसचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। ब्यूटी पार्लर, जिम, सैलून, क्लब, स्विमिंग पूल, गोल्फ क्लब, खेल परिसर आदि भी बंद रहेंगे।
वाहनों की आवाजाही पर भी रोक
कोरोना वायरस से निपटने के लिए लागू लॉकडाउन और कर्फ्यू को देखते हुए हिमाचल सरकार ने सभी निजी और सरकारी बसों के साथ टैक्सियों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध जारी रखने का फैसला लिया है। सरकार की ओर से जारी आदेशों के तहत अंतरराज्यीय और राज्य के भीतर ऑटो रिक्शा समेत सभी तरह के वाहनों की आवाजाही पर एक से 14 अप्रैल तक पूरी तरह रोक रहेगी। इसके साथ ही ट्रेनों और वाणिज्यिक हवाई उड़ानों पर पूरी तरह रोक रहेगी। जरूरी होने पर निजी वाहनों का संचालन सिर्फ अस्पतालों और अनिवार्य सेवाओं के लिए किया जाएगा। एचपीयू के कुलपति प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य अनिवार्य सेवाएं दे रहे कर्मचारी सेवाएं जारी रखेंगे।
सभी 17 सैंपलों की रिपोर्ट सामान्य
शिमला। प्रदेश में कोविड-19 के चलते अब तक प्रदेश में कुल 3396 लोगों को निगरानी में रखा गया था। इनमें से 1168 ने 28 दिन की जरूरी निगरानी अवधि को पूरा कर ली है। अब तक प्रदेश में कुल 229 लोगों की जांच की जा चुकी है। मंगलवार को 17 लोगों की जांच के नमूने लिए गए थे, जिनमें सभी की रिपोर्ट सामान्य आई है।
सीआरआई कसौली के साथ हिमाचल में अब तीन जगह होंगे टेस्ट
भारत सरकार ने सीआरआई कसौली में कोविड-19 टेस्ट के लिए इजाजत दे दी है और जल्द ही यहां पर भी जांच की सुविधा शुरू हो जाएगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी धीमान ने बताया कि आईजीएमसी और टांडा में पहले से ही टेस्ट की सुविधा है।
स्वास्थ्य जांच के लिए घर-घर आएगी अब टीम
हिमाचल में 14 सदस्य टीम घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच करेगी। टीम में एक पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता, एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, एक पुरुष स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, एक महिला स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, एक मेडिकल अधिकारी पुरुष, एक महिला मेडिकल अधिकारी, एक फार्मासिस्ट, एक एएनएम, एक हेल्थ एजुकेटर, एक आईसीटीसी काउंसलर,एसटीएस, एसटीएलएस, एएमओ और एक आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट होंगे। अगर आशा वर्कर उपलब्ध नहीं है, तो उस स्थिति में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को भी यह काम दिया जा सकेगा।
आशा वर्करों को इस काम के लिए प्रतिदिन सौ रुपये मिलेंगे। इसी तरह से गैर वेतन प्राप्त अन्य कर्मचारियों या कार्यकर्ताओं को 100 रुपये प्रतिदिन के दिए जाएंगे। रोजाना एक गांव को कवर करना होगा और कम से कम 30 घरों की निगरानी करेगी। यह टीम गूगल फॉर्म पर परिवार के प्रत्येक सदस्य का विवरण लिखेगी। यह गूगल फॉर्म और पासवर्ड ब्लॉक मेडिकल अधिकारी की ओर से दिए जाएंगे।
यह स्क्रीनिंग टीम सभी परिवारों को कोरोना वायरस से निपटने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी देगी। यह तमाम ऐसे संदिग्ध लोगों का ब्योरा एकत्र करेगी, जिन्हें किसी तरह का संक्रमण हो। उनके इलाज में भी मदद करेगी। यह टीम गूगल फॉर्म पर परिवार के प्रत्येक सदस्य का विवरण लिखेगी। यह गूगल फॉर्म और पासवर्ड ब्लॉक मेडिकल अधिकारी की ओर से दिया जाएगा। यह स्क्रीनिंग टीम सभी परिवारों को कोरोना वायरस से निपटने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी देगी। यह तमाम ऐसे संदिग्ध लोगों का ब्योरा एकत्र करेगी, जिन्हें किसी तरह का संक्रमण हो उनके इलाज में भी मदद करेगी।
बाहर फंसे हिमाचल के लोगों के लिए राज्य मुख्यालय में बनेगा नियंत्रण कक्ष: सीएम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोविड-19 के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा करने के लिए मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य मुख्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा, जिससे अन्य राज्यों में फंसे लोगों के साथ समन्वय स्थापित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सामान्य प्रशासन के सचिव इस नियंत्रण कक्ष के प्रभारी होंगे और यह 24 घंटे काम करेगा। दूसरे राज्यों में फंसे हिमाचल के लोग कंट्रोल रूम के जरिये संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार अन्य राज्यों में फंसे हिमाचल के लोगों तक पहुंचने के लिए सभी प्रयास कर रही है और संबंधित राज्य सरकारों के साथ इस बारे में बात करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल भवन, दिल्ली और चंडीगढ़ में पहले से स्थापित कंट्रोल रूम को और मजबूत बनाया जाएगा ताकि वहां फंसे हिमाचल के लोगों को सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि दिल्ली में नियंत्रण कक्ष पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रशासनिक तंत्र के साथ उचित संपर्क सुनिश्चित करेगा जबकि चंडीगढ़ में नियंत्रण कक्ष प्रशासन के साथ प्रभावी संपर्क सुनिश्चित करेगा।