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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Corona virus: raw material of drugs from China closed, 20 percent stock finished

हिमाचल में बन रही दवाओं पर कोरोना वायरस का असर, बंद हो सकता है उत्पादन

Mon, 10 Feb 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालागढ़/कालाअंब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालागढ़/कालाअंब Published by: Krishan Singh Updated Mon, 10 Feb 2020 05:00 AM IST
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Corona virus: raw material of drugs from China closed, 20 percent stock finished
प्रतीकात्मक तस्वीर

चीन में फैले कोरोना वायरस ने सूबे के फार्मा उद्योग को अपनी चपेट में ले लिया है। वायरस के प्रकोप के बाद से चीन से दवाओं के कच्चे माल की सप्लाई बंद हो गई है। अब देश की 45 फीसदी दवाओं का निर्माण करने वाले फार्मा हब बीबीएन (बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़) में 20 फीसदी कच्चे माल का स्टॉक खत्म हो गया है। दवा निर्माता आशंका जता रहे हैं कि अगर एक सप्ताह बाद भी चीन से कच्चा माल नहीं आया तो उत्पादन पर संकट आ सकता है। कई उद्योगों में उत्पादन ठप पड़ जाएगा। 

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इन दिनों उद्योग अपने पास स्टॉक कच्चे माल से ही काम चला रहे हैं। आने वाले समय में बीपी, शुगर, हार्ट, कैंसर समेत जीवनरक्षक दवाओं की बाजार में किल्लत हो सकती है। सूबे में करीब 750 फार्मा उद्योग हैं। यहां सालाना 30 हजार करोड़ का कारोबार होता है, जिसमें 15 हजार करोड़ की दवाओं का निर्यात किया जाता है। देश में दवा कंपनियों सहित बल्क ड्रग डीलरों के पास एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेटिएंट (एपीआई) का नाममात्र स्टॉक बचा हुआ है। मौजूदा समय में चीन से 67 तरह के एपीआई की आपूर्ति होती है। 

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अब यूरोप विकल्प, महंगे कच्चे माल से बढ़ सकते हैं दाम

Corona virus: raw material of drugs from China closed, 20 percent stock finished
कोरोना वायरस - फोटो : सोशल मीडिया

चीन के हालात में सुधार नहीं हुआ तो मजबूरन उद्योगों को यूरोप से कच्चा माल मंगवाना पड़ेगा। यूरोप से आना वाला कच्चा माल महंगा होता है, जिससे यहां निर्मित होने वाली दवाओं के दामों में भी बढ़ोतरी होगी। सीआईआई हिमाचल चैप्टर के चेयरमैन हरीश अग्रवाल ने कहा कि फार्मा उद्योगों पर असर पड़ना शुरू हो गया है।

चीन से आपूर्ति न होने से फार्मा उद्योगों को संकट से जूझना पड़ेगा। यूरोप से कच्चा माल आयात किया तो दवाओं के दामों में भी वृद्धि होगी। 20 फीसदी स्टॉक कम हो गया है जो प्रतिदिन बढ़ता ही जाएगा। हिमाचल दवा निर्माता संघ के अध्यक्ष डा. राजेश गुप्ता ने केंद्र के समक्ष बल्क ड्रग एपीआई की आपूर्ति के ज्वलंत मुद्दे को उठाया है।

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