हिमाचल में लॉकडाउन जैसी सख्ती पर आज फैसला करेगी कैबिनेट
कोरोना महामारी के लगातार बढ़ते संकट के बीच प्रदेश में लॉकडाउन जैसी सख्ती या सप्ताह के आखिरी तीन दिन बाजार बंद रखने पर बुधवार को कैबिनेट बैठक के बाद फैसला लिया जाएगा। हालांकि लॉकडाउन पर फैसला लेने से पहले सरकार बुधवार को पहले सर्वदलीय बैठक में इस पर राय लेगी। सर्वदलीय बैठक पहले मंगलवार को होनी थी, लेकिन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कांगड़ा से खराब मौसम के चलते शिमला नहीं पहुंच पाए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना महामारी के लगातार बढ़ते संकट के बीच प्रदेश में लॉकडाउन जैसी सख्ती या सप्ताह के आखिरी तीन दिन बाजार बंद रखने पर बुधवार को कैबिनेट बैठक के बाद फैसला लिया जाएगा। हालांकि लॉकडाउन पर फैसला लेने से पहले सरकार बुधवार को पहले सर्वदलीय बैठक में इस पर राय लेगी। सर्वदलीय बैठक पहले मंगलवार को होनी थी, लेकिन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कांगड़ा से खराब मौसम के चलते शिमला नहीं पहुंच पाए। इसलिए मुख्यमंत्री की गैरहाजिरी में सर्वदलीय बैठक हुई। अब बुधवार सुबह दोबारा साढ़े नौ बजे पीटरहॉफ में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पहले सर्वदलीय बैठक होगी और उसके बाद सुबह 10:30 बजे से कैबिनेट बैठक चलेगी।
मंगलवार को राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में सर्वदलीय बैठक में शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, माकपा विधायक और अन्य विधायक शामिल हुए। शहरी विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने प्रदेश भर में कोरोना से हो रही मौतों, उपचार की व्यवस्था, टीकाकरण आदि के आंकड़े बैठक में रखे। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने भी कहा कि इस संकट के समय में विपक्ष सरकार का साथ देगा। सीएम बैठक में क्या बातें रखते हैं, उसके बाद ही विपक्ष अपना पक्ष स्पष्ट करेगा।
माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि सरकार की ओर से कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए किए जा रहे इंतजामों और बढ़ते मामलों को लेकर बेसिक डाटा उपलब्ध करवाया गया है। इस पर मंथन करने के बाद बुधवार को सर्वदलीय बैठक में बात रखी जाएगी। उधर, 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को अगली कक्षा में बिना वार्षिक परीक्षा प्रमोट करने का कैबिनेट बैठक में फैसला होगा। इन विद्यार्थियों को प्री बोर्ड सहित फर्स्ट और सेकेंड टर्म की परीक्षाओं के अंकों के आधार पर प्रमोट किया जाना है। कॉलेजों में फर्स्ट और सेकेंड ईयर के विद्यार्थियों को भी प्रमोट करने को लेकर चर्चा होगी।
हिमाचल को चाहिए 75 लाख वैक्सीन
हिमाचल प्रदेश को कोरोना महामारी से निपटने के लिए कुल 75 लाख वैक्सीन की डोज और कुल 220 करोड़ रुपये की दरकार है। वर्तमान में सरकार के पास सिर्फ एक लाख वैक्सीन मौजूद हैं। प्रदेश में अभी तक कुल 18 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।