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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Cooperative society amendment bill passed after opposition's objection in himachal assembly, these new provisions made

विपक्ष की आपत्ति के बाद सहकारी सभा संशोधन बिल पारित, ये नए प्रावधान किए

Fri, 11 Sep 2020 07:30 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 11 Sep 2020 07:30 PM IST
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Cooperative society amendment bill passed after opposition's objection in himachal assembly, these new provisions made
सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज - फोटो : अमर उजाला

चर्चा के बाद सदन में शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश सहकारी सभा संशोधन विधेयक-2020 को सदन में ध्वनिमत से पारित किया गया। सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने इसे पारित करने का प्रस्ताव रखा। इस पर अपना संशोधन प्रस्ताव पेश करते हुए नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने चर्चा शुरू की। कहा कि सहकारी सभाओं को हतोत्साहित किया जा रहा है। कोई भी आदमी पहले सोसायटी में पैसा जमा करवा सकता था, अब ऐसा नहीं होगा। बिल में जिस तरह के प्रावधान किए गए हैं, उससे सहकारी सभाएं कमजोर हो जाएंगी।

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कार्यक्षेत्र के सब लोगों का पैसा जमा होना चाहिए। सहकारिता मंत्री ने कहा कि विधायिका का मुख्य काम कानून बनाना है। जब इसे पढ़ा जा रहा था तो आज ही इसका संशोधन सदन में दिया गया है। असल में हमें जो संशोधन लाना पड़ रहा है, यह अधिनियम 1968 का बना हुआ है। नए प्रावधान में सोसायटी ही ऑडिटर तय करेगी। ऐसा पहले नहीं था। अब यह स्वतंत्र होगी। मुकेश अग्निहोत्री के संशोधन सुझाव पर सहकारिता मंत्री बोले - अगर सबको निवेश करने की छूट दी जाएगी तो सोसायटी नहीं रह पाएगी। चार्टर्ड अकाउंटेंट नहीं, हमने ऑडिटर ही लिखा है। 
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प्रेम पत्र की तरह आ रहे हैं बिल : नेगी 
कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने कहा कि यह बिल प्रेम पत्र की तरह आ रहे हैं। आठ-आठ बिल आ रहे हैं। कुछ तो रोमांच रखा जाए। कहा कि हम विधायिका का असली काम कर ही नहीं रहे हैं। हम ऐसे कानून न बनाएं कि आने वाली पीढ़ी कहे कि हम कैसे कानून ला रहे हैं। सतपाल रायजादा ने भी संशोधन के लिए सुझाव दिए।

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नकदी में नहीं होगा 20 हजार से अधिक का ऋण या अग्रिम भुगतान 

सरकार ने साहूकारों पर नकेल कस दी है। अब वह नकद में बीस हजार से अधिक का ऋण या अग्रिम भुगतान नहीं कर सकेंगे। सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में हिमाचल प्रदेश साहूकारों का रजिस्ट्रीकरण संशोधन विधेयक-2020 प्रस्तुत किया।

इस अधिनियम की धारा 4 के अधीन कोई साहूकार किसी भी व्यक्ति को खाते में 20 हजार से अधिक का ऋण देय चेक या प्राप्त करने वाले के खाते में बैंक ड्राफ्ट या किसी बैंक खाते के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक निकासी प्रणाली के उपयोग से ही दे सकेगा। 

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