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बैंक भर्ती जांच में देरी पर जवाब तलब, अफसरों को बचाने का जताया अंदेशा

Mon, 03 Sep 2018 11:54 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 03 Sep 2018 11:54 AM IST
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cooperative bank recruitment scam chief secretary seeks report

हिमाचल के सहकारी बैंकों में भर्ती में कथित धांधली की जांच में देरी पर मुख्य सचिव ने गृह विभाग से जवाब तलब किया है। सहकारिता विभाग के पत्र पर मुख्य सचिव ने गृह सचिव से पूछा है कि जांच में देरी पर क्यों न विजिलेंस के अफसरों पर कार्रवाई की जाए।

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सहकारिता विभाग ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर भर्ती में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार अफसरों को बचाने का अंदेशा जताया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने सहकारी बैंक भर्ती मामले से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। सूत्रों की मानें तो सीएस ने गृह विभाग से पूछा है कि सीएम के आदेशों का पालन न करने वाले विजिलेंस अफसरों पर क्यों न कार्रवाई की जाए।

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इसलिए हो रही एफआईआर में देरी

cooperative bank recruitment scam chief secretary seeks report

वीरभद्र सरकार के कार्यकाल में राज्य सहकारी बैंक और कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक में भर्तियों पर खासा विवाद हुआ था। जयराम सरकार ने छह माह बाद मामले में विजिलेंस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।
ब्यूरो ने तय नियम के अनुसार प्रारंभिक जांच शुरू की, लेकिन इस बीच केंद्र ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में कुछ ऐसे संशोधन कर दिए जिससे भर्ती घोटाले में फंसने वाले अफसरों को फायदा मिल सकता है।

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार जांच के पक्षधर अफसरों का मानना है कि विजिलेंस अधिकारी जानबूझकर जांच में देरी कर रहे हैं, ताकि नए संशोधन से आरोपी अफसरों को फायदा मिल सके।

यही वजह है कि अब शासन ने जांच में ढील बरतने वाले अफसरों के खिलाफ ही जांच का मन बना लिया है। मामले में मुख्य सचिव से लेकर अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह और प्रधान सचिव सहकारिता से संपर्क किया, लेकिन सभी ने इस पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।

विजिलेंस मैनुअल में बिना प्रारंभिक जांच के सीधे एफआईआर का प्रावधान ही नहीं है। विजिलेंस ने पहले प्रारंभिक जांच शुरू कर दी। अब विभिन्न बैंकों से दस्तावेज लेकर मामला दर्ज करने की वजह बताने में समय लग रहा है। जानकारों का कहना है कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर  ही शासन मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश देगा।

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