दो माह पहले किया भवन का शिलान्यास, लेकिन निर्माण स्थल से झाड़ियां तक नहीं हटी
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आईजीएमसी में बनने वाले स्पेशल वार्ड का काम अब तक शुरू नहीं हो सका है। करीब दो माह पहले मुख्यमंत्री ने स्पेशल वार्ड के लिए बनने वाले भवन का शिलान्यास किया था। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए थे कि काम जल्द से जल्द शुरू किया जाए।
लोक निर्माण विभाग की सुस्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब निर्माण स्थल से झाड़ियों तक को नहीं काटा गया है। निर्माण सामग्री भी अभी तक यहां नहीं पहुंची है। बताया जा रहा है कि अस्पताल प्रबंधन काम शुरू करने के लिए कई बार लोनिवि से संपर्क कर चुका है
लेकिन विभाग निर्माण को लेकर गंभीर नहीं है। आईजीएमसी और मेडिकल कॉलेज की बीच पहाड़ी पर 32 कमरों का यह स्पेशल वार्ड तैयार किया जाना है। इस स्पेशल वार्ड को बनाने के लिए सात करोड़ रुपये मंजूर भी किए गए हैं, लेकिन निर्माण कार्य में सुस्ती से काम शुरू नहीं हो पाया है।
अस्पताल में औसतन पंद्रह से बीस मरीज रोजाना स्पेशल वार्ड के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय में चक्कर काटते हैं, लेकिन वार्डों के भरे होने के कारण इन लोगों को अपने मरीजों को जनरल वार्ड में दाखिल करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद ने बताया कि परिसर के दूसरी ओर ब्लॉक तैयार किया जाना है। किन्हीं कारणवश काम शुरू नहीं हो पाया है। ब्लॉक के तैयार होने के बाद से सूबे से इलाज के लिए आए मरीजों को काफी राहत मिलनी थी।
विभाग जल्द शुरू करेगा काम
विभाग केे जब स्वास्थ्य विभाग स्वीकृति देगा उसके बाद ही काम शुरू हो पाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पिछले दिनों ही काम शुरू करवाने की स्वीकृति मिली है। इसके बाद महकमे ने टेंडर और अन्य औपचारिकताएं शुरू कर दी है। काम जल्द शुरू होगा।- संजय गुप्ता, अधिशासी अभियंता, लोनिवि
मामले को महकमे के रखा था समक्ष
नए स्पेशल वार्ड को बनाने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने मामला सरकार के समक्ष उठाया था। सरकार ने भी मरीजों के हितों को ध्यान में रखते हुए इसे बनाने की मंजूरी दे दी थी। इसके बाद प्रबंधन ने अपने स्तर पर सभी कार्य अपने स्तर पर पूरा किया था।
दो मंजिला ब्लॉक बनना था
अस्पताल में बनने वाला स्पेशल वार्ड का यह ब्लॉक दो मंजिल का बनना था। इसमें मरीजों के लिए 32 कमरे तैयार होने थे। जबकि मरीजों के तीमारदारों को ठहरने के लिए डोरमेट्री बनाने का प्रावधान भी किया जाना था।