अब नेताओं की उंगलियों पर नहीं नाचेंगे अफसर
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अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को अब कभी भी स्थानांतरण कर पाना संभव नहीं होगा। स्थानांतरण की मंजूरी के लिए राज्य में एक अलग से बोर्ड का गठन किया जाएगा।
कार्मिक विभाग की ओर से तैयार की गई नई नीति को शनिवार को कैबिनेट की बैठक में मजूरी दे दी गई। इससे प्रदेश के सैकड़ों अफसरों को सीधे तौर पर लाभ होगा। दो साल के पहले किसी भी अधिकारी का तबादला न हो।
इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से सभी राज्यों को अलग से नीति बनाने का निर्देश दिया था। इसी के बाद राज्य सरकार की ओर से स्थानांतरण को लेकर नई नीति बनाई गई गई है, जिसे कैबिनेट ने शनिवार को एक मत से पास कर दिया।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों पर बनाई नीति
इस नीति के तहत अफसरों के लिए अलग से बोर्ड का गठन किया गया जाएगा। किसी भी अधिकारी को तबादला करने से पहले इस बोर्ड से अनुमति लेनी होगी। बोर्ड के ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद मुख्यमंत्री की भी मंजूरी अनिवार्य होगी।
उल्लेखनीय है कि राजनितिक आधार पर होने वाले तबादलों को देखते हुए देश की सर्वोच्च अदालत ने आईएएस और आईपीएस अफसरों के तबादलों के लिए नीति निर्धारण के आदेश दिए थे। उम्मीद है कि ऐसा होने से सरकारी अफसरों पर राजनीतिज्ञों द्वारा डाले जाने वाले दबाव में कमी आएगी।
बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स को कैबिनेट बैठक के बीच में जाना पड़ा। इसकी वजह उनका एक कार्यक्रम के लिए शिमला से बाहर जाना बताया जा रहा है। मंत्रिमंडल की इस बैठक में मंत्री जीएस बाली और सुधीर शर्मा भी मौजूद नहीं हुए।