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कांग्रेस ने सचिवालय के बाहर किया प्रदर्शन, सामाजिक दूरी के उल्लंघन पर दो दर्जन पर केस दर्ज

Mon, 13 Jul 2020 09:48 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 13 Jul 2020 09:48 PM IST
सार

  • सचिवालय के बाहर जमकर नारेबाजी, डीसी शिमला के माध्यम से सीएम को भेजा ज्ञापन
  • फैसला न पलटने पर प्रदेश भर में आंदोलन करने की चेतावनी  

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congress protest outside himachal pradesh secretariat
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पर्यटकों के लिए हिमाचल की सीमाएं खोलने के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने सचिवालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। सोमवार दोपहर सवा एक से दो बजे तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेसी नारेबाजी करते हुए सड़क पर ही बैठ गए। पुलिस को सचिवालय के पास लगा मुख्य गेट बंद करना पड़ा। शिमला-संजौली मार्ग पर वाहनों की आवाजाही थम गई।

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लोगों को भी भारी परेशानियां झेलनी पड़ीं। वहीं प्रदर्शन के दौरान कोरोना महामारी के चलते सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने पर पार्टी प्रदेशाध्यक्ष समेत दो दर्जन नेताओं पर केस दर्ज किया गया। जिला शिमला शहरी कांग्रेस के आह्वान पर अनलॉक-2 में प्रदेश में सैलानियों की एंट्री देने के विरोध में प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक कोविड-19 की जांच के लिए प्रदेश की सीमाओं पर आधारभूत ढांचा तैयार नहीं होता, तब तक इस सरकार फैसला बदले। नेताओं ने डीसी शिमला अमित कश्यप के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भी भेजा। 
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कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि प्रदेश में होटल व्यवसायी और अन्य कारोबारी भी सैलानियों की प्रदेश में एंट्री के पक्ष में नहीं हैं। छोटा शिमला थाना पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर, शिमला शहरी के अध्यक्ष जितेंद्र चौधरी, ग्रामीण अध्यक्ष यशवंत सिंह छाजटा, धर्मपाल ठाकुर समेत दो दर्जन पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज किया है। इधर, डीसीपी सिटी दिनेश शर्मा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
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ये हैं कांग्रेस की अन्य मांगें
बस किराया वृद्धि का प्रस्ताव रद्द करने, बिजली बिलों में 125 यूनिट के ऊपर की बढ़ोतरी वापस लेने, राशन सब्सिडी से बाहर किए एपीएल परिवारों को शामिल करने, कर्मचारियों का भविष्य निधि ब्याज बढ़ाने, कर्मियों का डीए बहाल करने, डीजल-पेट्रोल की कीमतें घटाने की मांग शामिल है।
 

वीरभद्र के घर और धरने में उड़ीं सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां  : जयराम  
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के घर और युवा कांग्रेस के धरनों में दोनों जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई गईं। यह आरोप जयराम ठाकुर ने सोमवार को मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में लगाए।

कांग्रेस हम पर टिप्पणी करने के बजाय खुद को संभाले

 सीएम जयराम ठाकुर ने सोमवार को मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान राज्य सचिवालय परिसर में धरना देने वाले कांग्रेस नेताओं को आड़े हाथ लिया। सीएम ने कहा, अच्छा होता कि इनकी अपनी सरकार के राजस्थान के मुख्यमंत्री की बात करें जो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं, वहां कोरोना वायरस के केस हमसे ज्यादा हैं। जहां तक पर्यटन खोलने की बात है, वहां कोरोना वायरस के मामले हमसे ज्यादा हैं। उद्योग क्षेत्र, दुकानें आदि तमाम चीजें खोल दी गई हैं। इसी तरह से पर्यटन की गतिविधियां शुरू करने की भी मांग उठी है। हम किसी को बाध्य नहीं कर रहे हैं। हिमाचल में गाइडलाइंस काफी सख्त हैं। कतई भी रियायतें देने की कोई गुंजाइश नहीं  है। सीएम ने कहा कि इनके ज्ञापन को देखा जाए तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपने लोग जो हिमाचल आना चाहते थे, उनके जीवन को बचाने को कदम उठाए गए। हिमाचल सरकार का भी दायित्व है कि कोई आदमी अगर संकट में है, उसकी क्या मदद न की जाए। बाहर फंसे लोगों को क्या मरने के लिए छोड़ दिया गया। यह कांग्रेस के खिलाफ मुद्दा बनने वाला है।

हिमाचल के बच्चों का विरोध करते हैं तो इसे उन्हें भुगतना होगा। इस धरने में सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ाई गईं। सीएम ने वीरभद्र सिंह के घर पर हुए भोज में ज्यादातर कांग्रेस नेताओं के शामिल न होने पर कहा कि  जयराम ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां वहां भी उड़ाई गईं, धरने में भी उड़ाई गईं। कांग्रेस के इस निजी कार्यक्रम पर उन्होंने कहा कि ये लोग हमें सलाह देते हैं। नियम और कानून में सब लोग आते हैं। उसमें बहुत सारे लोग आए, बहुत सारे नहीं आए। यह उन्हीं से पूछना चाहिए। उन्होंने वीरभद्र सिंह का नाम लिए बगैर कहा कि कांग्रेस के बारे अधिक कहने की आवश्यकता नहीं है। जिस तरह की वह स्थितियां और परिस्थितियां चाहते हैं, वैसा न तो देश में रही हैं न ही प्रदेश में ही रही हैं। उनका दौर बीत गया है। इसे उन्हें स्वीकार करना चाहिए। ऐसा नहीं है कि किसी को बुलाया जाए तो वह बाध्य होंगे। कांग्रेस पार्टी में हालात बदल गए हैं। हम पर टिप्पणी करने के बजाय वह अपने-आप को संभालें।

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