सीएम के इंकार के बावजूद कांग्रेस ने फिर छोड़ा बेरोजगारी भत्ते का शिगूफा
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के सीधे-सीधे इंकार के बावजूद कांग्रेस पार्टी ने फिर बेरोजगारी भत्ते का शिगूफा छोड़ दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की राज्य कार्यकारिणी ने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को भत्ता देने पर आम सहमति बना ली है।
इसके लिए कांग्रेस ने आठ सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया है। मजे की बात यह है कि सीएम वीरभद्र सिंह पहले ही कह चुके हैं कि बेरोजगारी भत्ता देना व्यावहारिक नहीं है और इसके एवज में सरकार कौशल विकास भत्ता दे रही है।
इसके बावजूद चुनावी साल में कांग्रेस पार्टी बेरोजगारी भत्ते पर फिर दांव खेलना चाह रही है और इसे दिलाए जाने के पक्ष में उतर आई है। सोमवार को राजीव भवन शिमला में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में बेरोजगारी भत्ता देने पर आम सहमति बनी।
सुक्खू ने बनाई कमेटी, सीएम से करेंगे बात
इसके लिए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता वाली आठ सदस्यीय कमेटी का गठन कर लिया गया है। कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र के इस वायदे यानी बेरोजगारी भत्ते को लागू करवाने के लिए मंगलवार को ये कमेटी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिलेगी।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि भत्ते को देने का स्वरूप क्या हो, इस पर चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा। कांग्रेस की एक्सटेंडिंग प्रदेश कार्यकारिणी की इस बैठक में सीएम वीरभद्र सिंह की गैर मौजूदगी में ही बेरोजगारी भत्ते को दिलाने को इस कमेटी का गठन किया गया।
इस भत्ते पर सियासी बवाल के बाद सोमवार को पार्टी मुख्यालय में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की राज्य कार्यकारिणी की बैठक में भी यही मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। इसमें कांग्रेस के कई पदाधिकारियों ने मेनिफेस्टो की घोषणा को लागू करने की मांग उठाई।