Himachal News: विधानसभा की उच्च परंपराओं को ध्वस्त करने का प्रयास कर रही भाजपा
कांग्रेस विधायकों ने कहा कि भाजपा ने दोबारा सत्ता में आने के लिए लोगों को गुमराह कर अपने कार्यकाल के अंतिम छह महीने में 920 से अधिक संस्थान बिना बजट प्रावधान खोले।
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कांग्रेस विधायक सुधीर शर्मा, संजय रत्न, केवल सिंह पठानिया, सुरेश कुमार और भुवनेश्वर गौड़ ने विधानसभा के भीतर भाजपा विधायकों के आचरण की कड़ी निंदा की है। कहा कि भाजपा विधायक विधानसभा की उच्च परंपराओं को ध्वस्त करने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा सत्ता में रहते भी विफल रही और अब विपक्ष की सकारात्मक भूमिका भी नहीं निभा पा रही है। कांग्रेस विधायकों ने वीरवार को शिमला से जारी संयुक्त बयान में कहा कि भाजपा विधायकों को विधानसभा के भीतर या बाहर विरोध प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है, लेकिन वे मुख्यमंत्री के कार्यालय में घुसपैठ की कोशिश और सदन की मान मर्यादा को तार-तार करना चाह रहे थे। इसे कांग्रेस विधायक दल सहन नहीं करेगा।
भाजपा ने दोबारा सत्ता में आने के लिए लोगों को गुमराह कर अपने कार्यकाल के अंतिम छह महीने में 920 से अधिक संस्थान बिना बजट प्रावधान खोले। भाजपा को इसका राजनीतिक लाभ नहीं मिला। वर्तमान सुक्खू सरकार ने समुचित बजट का प्रावधान किए बिना संस्थान खोलने पर उन्हें डिनोटिफाई किया है। इन संस्थाओं में कर्मचारियों की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि कांग्रेस सरकार जहां भी आवश्यकता होगी, जनहित में संस्थानों को खोलेगी। भाजपा को इसकी कोई भी चिंता करने की जरूरत नही है। मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश का दौरा कर खुद जमीनी हकीकत जानेंगे। प्रदेश के लोगों ने भाजपा को विपक्ष में बैठाया है, इसलिए उन्हें इस जनादेश का सम्मान करते हुए सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए।
लोहे की चेन लेकर विस परिसर में पहुंचना सुरक्षा में बड़ी चूक : संजय
भाजपा विधायकों के आचरण के खिलाफ लाए गए निंदा प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए कांग्रेस विधायक संजय रत्न ने कहा कि लोहे की चेन लेकर विधानसभा परिसर में पहुंचना सुरक्षा में बड़ी चूक है। ऐसे तो कोई भी परिसर में हथियार लेकर पहुंच जाएगा। मेटल डिटेक्टर किस काम के हैं। पुलिस को जांच के दौरान देखना चाहिए था। कहा कि भाजपा ने दैवीय शक्ति से चुनाव से पहले धड़ाधड़ संस्थान खोले। चुनाव में यह काम नहीं आया। सेपू बड़ी, कॉफी हाउस और मंदिरों की बातें करने वाले प्रधानमंत्री मोदी से भी पूर्व सरकार कोई पैकेज भी नहीं ले सकी। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भी भाजपा विधायकों के आचरण की निंदा की। शांडिल ने कहा कि सदन गरिमापूर्ण होता है। अच्छे आचरण के लिए हिमाचल विधानसभा को पूरे देश में जाना जाता है।
भाजपा विधायकों को इस प्रकार का आचरण नहीं करना चाहिए। मुख्यमंत्री सभी की बातें सुनने के लिए तैयार रहते हैं। किसी को भी मुख्यमंत्री से मिलने के लिए रोका नहीं जाता है। जगत सिंह नेगी ने कहा कि नियम 67 के तहत 15 मार्च को सदन में चर्चा की गई। हालांकि, चर्चा बनती नहीं थी, फिर भी विपक्ष की बात को माना गया। संस्थान बंद करने के मामले को भाजपा विधायक धर्मशाला में हुए विधानसभा के शीत सत्र में भी उठा सकते थे। अब तीन माह बाद मार्च में इन्हें संस्थान याद आए हैं। यह तर्कसंगत नहीं है। मामला इतना ही महत्वपूर्ण था तो धर्मशाला सत्र में उठाना चाहिए था। 15 मार्च को नियम 67 पर चर्चा के लिए भाजपा के विधायक तैयार होकर नहीं आए थे, उन्हें लगा चर्चा नहीं होगी। कहा कि लोकतंत्र की हत्या को जयराम सरकार के समय हुई थी। हेलिकाप्टर वाले मुख्यमंत्री के नाम से मशहूर जयराम ठाकुर को अब लोकतंत्र और संविधान की याद आ रही है। पहले तो पांच साल तक जयराम तानाशाह बने रहे।