बिहार चुनाव के बाद कांग्रेस ने कहा, माफी मांगे मोदी
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बिहार चुनाव में भाजपा की करारी हार के बाद जश्न मना रही कांग्रेस ने पीएम पर हमला बोला है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्य सभा में विपक्ष के उपनेता आनंद शर्मा ने कहा है कि बिहार चुनाव में अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्हें जनता को इस बात का भरोसा दिलाना चाहिए कि वे भविष्य में ऐसा नहीं करेंगे।
नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। बिहार चुनाव में महागठबंधन की जीत पर आनंद शर्मा ने कहा कि वहां समाज को बांटने वाली सोच और बड़बोलेपन की हार हुई है। आनंद शर्मा सोमवार को शिमला के पीटरहॉफ में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। यहां आनंद शर्मा ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनाव में खुद के अति पिछड़ा होने की बातें कीं।
'देश ही नहीं विदेश में भी कर रहे हैं भारत का अपमान'
यही नहीं उन्होंने वहां जाति, धर्म आदि के आधार पर लोगों को बांटने के प्रयास में अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। भाजपा के शीर्ष नेताओं की ओर से यह कहना कि भाजपा जीतेगी तो पाकिस्तान में पटाखे फूटेंगे, यह कैसा बयान था। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद की गरिमा का ध्यान नहीं है। विदेशों में जाकर वे भारत का लगातार अपमान कर रहे हैं।
मोदी में बौद्धिक गहराई नहीं है। सरकार पर सारे चेक एंड बैलेंस खत्म किए जा रहे हैं। आनंद शर्मा ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाया कि मोदी के मन की बात और आरएसएस प्रमुख के दूरदर्शन से प्रसारण की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार चुनाव में ऑफिशियन मीडिया का भी जमकर दुरुपयोग किया गया।
तेल की कीमतें कम नहीं होतीं तो आईसीयू में होती अर्थव्यवस्था
आनंद शर्मा ने कहा कि अगर तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कम नहीं होतीं तो देश की अर्थव्यवस्था आईसीयू में होती। देश पर कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है। आयात-निर्यात की प्रक्रिया पूरी तरह से असंतुलित हो चुकी है। दालों के रेट अनियंत्रित हो गए हैं।
इस सबके बीच नरेंद्र मोदी को देश के बिगडे़ हालातों की कोई फिक्र नहीं है। पूरे देश में भय का माहौल है। धरातल पर लोगों को नौकरियां नहीं दी जा रही हैं और न ही पूंजी परिसंपत्तियों का ही निर्माण हो रहा है। निजी सेक्टर से रक्षा के क्षेत्र में निवेश के लिए जो लोग आ रहे हैं, उन्हें मोदी ही नामित कर रहे हैं। कोई पारदर्शिता नहीं है।
अनुपम खेर ने जो मार्च किया, वो आरएसएस का था
आनंद शर्मा ने कहा कि अनुपम खेर ने पिछले दिनों जो मार्च किया है, वह आरएसएस का था। यह पूरी तरह से सरकारी मार्च था। लेखकों, फिल्मकारों, इतिहासकारों सहित तमाम बुद्धिजीवियों ने भी मोदी सरकार की तानाशाहीपूर्ण नीतियों का विरोध शुरू कर दिया है। भारत में जीवन जीने का केवल एक रास्ता नहीं हो सकता। न ही एक धर्म हो सकता है। इतिहास का गला दबाने का मोदी सरकार का प्रयास हिटलरशाही का ही दूसरा नमूना है।
प्रदेश में कांग्रेस सरकार स्थिर, गलतफहमी छोड़े भाजपा
आनंद शर्मा ने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस की सरकार स्थिर है। भाजपा को इस गलतफहमी को छोड़ देना चाहिए कि राज्य में कांग्रेस की सरकार गिर रही है। उन्होंने कहा कि अब तो भाजपा की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। लोग अब नजदीक आने के बजाय भाजपा से दूर भागेंगे।
कहा कि वे भाजपा को सलाह देते हैं कि इसे अपने सूरत-ए-हाल पर गौर करना चाहिए। अब भाजपा का वक्त ठीक नहीं है। लोग समाज को बांटने की विचारधारा वाली भाजपा को खारिज कर रहे हैं। बिहार के मौजूदा चुनाव इसका उदाहरण है। आगे भी यही हालात रहेंगे। आनंद शर्मा ने इस मुद्दे पर बात करना ही फिजूल बताया।