नहीं मिला शिक्षकों को वेतन, अब किया बंद का ऐलान
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प्रदेश के 1248 स्कूलों में सोमवार से कंप्यूटर शिक्षा ठप हो जाएगी। आउट सोर्सिंग पर तैनात 1441 कंप्यूटर शिक्षक निजी कंपनी को ऐक्सटेंशन देने के विरोध में उतर गए हैं। शिक्षकों का आरोप है बीते छह माह से वेतन नहीं मिला है। सरकार को कई बार इस समस्या से अवगत करवाया लेकिन कोई हल नहीं निकल रहा है।
इसके चलते 28 सितंबर से पूर्ण कंप्यूटर शिक्षा बंद करने का फैसला लिया गया है। सूबे के 1248 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में कंप्यूटर की शिक्षा आउटसोर्सिंग पर लगे शिक्षकों द्वारा दी जा रही है। प्रदेश कंप्यूटर शिक्षक संघ के अध्यक्ष रौशन मेहता और महासचिव राकेश शर्मा ने कहा है उनकी मांगों को लेकर कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिल रहा है।
सड़कों पर उतर कर करेंगे आंदोलन
कंप्यूटर शिक्षक बीते 14 सालों से उन्हें नियमित करने की मांग कर रहे हैं लेकिन मांग को हर बार अनसुना किया जाता है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है अगर इस बार भी निजी कंपनी को ऐक्सटेंशन दी गई तो 1484 कंप्यूटर शिक्षक सड़कों पर उतर कर आंदोलन करेंगे।
कंप्यूटर शिक्षक संघ ने कंपनी का अनुबंध 30 सितंबर के बाद निरस्त करने की मांग की है। संघ ने सभी कंप्यूटर शिक्षकों को नियमित करने की मांग भी की है। संघ के अध्यक्ष रौशन मेहता ने बताया कि 14 सितंबर को मुख्यमंत्री से मिले प्रतिनिधिमंडल को कंपनी को ऐक्सटेंशन नहीं देने का आश्वासन मिला था।
गुपचुप तरीके से दी जा रही ऐक्सटेंशन
संघ के अध्यक्ष रौशन मेहता ने बताया कि 14 सितंबर को मुख्यमंत्री से मिले प्रतिनिधिमंडल को कंपनी को ऐक्सटेंशन नहीं देने का आश्वासन मिला था। लेकिन ज्ञात हुआ है कि अफसरशाही गुपचुप तरीके से ऐक्सटेंशन देने की तैयारियों में जुट गई है।
उधर, वीरवार को कंप्यूटर शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह से मुलाकात कर उन्हें अपनी समस्या से अवगत करवाया। प्रदेश भर के आईटी शिक्षकों को कंपनी की ओर से फरवरी 2015 के बाद से अभी तक पगार नहीं दी गई है। कई शिक्षक मात्र 6112 रुपये के भरोसे घर से कई किमी दूर किराए का कमरा लेकर रह रहे हैं।