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छठी से 8वीं क्लास तक कंप्यूटर से होगी पढ़ाई

Sun, 07 Feb 2016 11:13 AM IST
Updated Sun, 07 Feb 2016 11:13 AM IST
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computer education from 6th to 8th class students in himachal.

प्रदेश के 250 मिडल स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र से कंप्यूटर के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाएगा। छठी से आठवीं क्लास तक कंप्यूटर लैब स्थापित करने के लिए राज्य परियोजना निदेशालय सर्व शिक्षा अभियान ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। हर स्कूल के लिए दो-दो कंप्यूटर सिस्टम लेने के लिए कंपनियों से आवेदन मांगे गए हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश के हर जिले से करीब 20-20 स्कूलों को चयनित किया गया है।

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इन स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र से कंप्यूटर एडेड लर्निंग प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। स्कूलों में कंप्यूटर से पढ़ाई करवाने के लिए अलग से लैब बनाई जाएंगी। स्कूली बच्चों के ग्रुप बनाकर कंप्यूटर शिक्षा दी जाएगी। कंप्यूटर एडेड लर्निंग प्रोग्राम के तहत प्रदेश के सभी मिडल स्कूलों का आधुनिकीकरण किया जाना है। करीब 1200 स्कूलों में कंप्यूटर लैब स्थापित कर दी गई हैं। शेष स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से कंप्यूटरीकरण किया जा रहा है।
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इस शैक्षणिक सत्र के लिए सर्व शिक्षा अभियान ने प्रदेश के विभिन्न जिलों के 250 मिडल स्कूलों का चयन किया है। कंप्यूटर से बदलेगा पढ़ाई का तरीका- राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान घनश्याम चंद ने बताया कि प्रदेश के सभी मिडल स्कूलों का कंप्यूटरीकरण किया जा रहा है। पढ़ाई का तरीका बदलने के लिए कंप्यूटर लैब स्थापित की जा रही हैं। कंप्यूटर से पढ़ाई करने से स्कूली बच्चे लाभान्वित होंगे।
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स्टाफ यूज नहीं कर सकेगा कंप्यूटर- स्कूलों में स्थापित किए जाने वाले कंप्यूटरों का सिर्फ स्कूली बच्चे प्रयोग कर सकेंगे। स्टाफ और शिक्षक कंप्यूटर सिस्टम अपने निजी कार्यों के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।

कैबिनेट में जाएगा शिक्षक सेवा विस्तार का मामला

computer education from 6th to 8th class students in himachal.

प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में पीरियड बेसिस पर तैनात 1600 एसएमसी शिक्षकों को सेवा विस्तार देने का मामला कैबिनेट बैठक में जाएगा। एसएमसी शिक्षकों की 31 दिसंबर को अनुबंध अवधि पूरी हो चुकी है। साल 2012 से 2015 तक तीन साल के लिए नियुक्त शिक्षकों की नौकरी अब तलवार लटकगई है। नौकरी बचाने के लिए शनिवार को पीरियड बेसिस एसएमसी शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से लेकर कई मंत्रियों से मुलाकात की।

शिक्षकों को आश्वासन मिला है कि राज्य मंत्रिमंडल की 12 फरवरी को प्रस्तावित बैठक में मामले पर चर्चा की जाएगी। संघ के अध्यक्ष अनिल पितान और महासचिव मनोज रौंगटा ने बताया कि शनिवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा से मुलाकात की। बताया गया कि साल 2012 से लेकर 2015 तक उन्हें तीन साल के लिए नियुक्ति दी गई थी। 31 दिसंबर 2015 को उनका कार्यकाल पूरा हो गया है। प्रतिनिधिमंडल से सरकार से शिक्षकों के अनुबंध सेवा काल को बढ़ाने की मांग की है।

ये शिक्षक टीजीटी और सीएंडवी हैं। एसएमसी के तहत सरकार ने इन शिक्षकों को नियुक्ति दी थी। शिक्षक संघ ने शिक्षा विभाग की ओर से जारी एक अधिसूचना के क्लाज नंबर नौ और दस को रद्द करने की मांग की है। अधिसूचना के तहत एसएमसी पर कार्यरत शिक्षकों के स्थान पर नियमित तथा अनुबंध अध्यापकों को भेजने की तैयारी की गई है।

शिक्षक संघ ने बताया कि उन्हें मामले को कैबिनेट में लेकर जाने का आश्वासन मिला है। इस दौरान उपाध्यक्ष कमल जोशी, पवन कुमार, देवेंद्र शर्मा, अनुज, पंकज, विपिन, अनिल, बेला, रामा, डिंपल और रेखा आदि मौजूद रहे।

अब 25 दिसंबर से पहले होंगे वार्षिक समारोह

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प्रदेश के सभी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र से 25 दिसंबर से पहले ही वार्षिक समारोह और पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित करने होंगे। उच्च शिक्षा निदेशक ने सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी कर नए निर्देशों का पालन करने को कहा है। इस शैक्षणिक सत्र में अभी तक जिन स्कूलों में वार्षिक समारोह नहीं हुए हैं, वहां 15 फरवरी से पहले समारोह करवाने को कहा गया है।

वार्षिक परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं में व्यवधान न पड़े, इसके लिए नई व्यवस्था की गई है। उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि 15 फरवरी के बाद किसी भी स्कूल में वार्षिक समारोह नहीं किए जाएंगे। दिनकर बुराथोकी ने बताया कि सभी उपनिदेशकों से इन निर्देशों को स्कूल प्र्रिंसिपलों को अवगत करवाने को कहा गया है।

हिमाचल में स्कूली छात्रों की कमियां बताएगी एनसीईआरटी

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हिमाचल प्रदेश के स्कूली छात्रों में क्या-क्या कमियां हैं? इन कमियों को कैसे दूर किया जाए? इसको लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) रिपोर्ट तैयार कर रहा है। प्रदेश के राज्य परियोजना निदेशालय एसएसए और आरएमएसए ने नवीं कक्षा के 83 बच्चों पर किए गए अचीवमेंट सर्वे की रिपोर्ट एनसीईआरटी को भेज दी है।

बीते साल नवंबर महीने में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले नवीं कक्षा बच्चों की अंग्रेजी, गणित और विज्ञान विषय की विशेष परीक्षा ली थी। इस परीक्षा के आधार पर बच्चों की कमियों और खूबियों को चिन्हित किया जाएगा। फरवरी महीने के अंत तक एनसीईआरटी से यह रिपोर्ट आना संभावित है। सरकार ही रिपोर्ट को सार्वजनिक करेगी।

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के समन्वयक बताते हैं कि नवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं पर किए गए अचीवमेंट सर्वे में कमजोर निकलने वाले बच्चों पर विशेष काम किया जाएगा। दसवीं कक्षा में इन बच्चों पर विशेष नजर रखी जाएगी। शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सर्वे में उत्कृष्ट रहने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। एनसीईआरटी लिंग और क्षेत्रों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेगा। पढ़ाई में पिछड़ने वाले बच्चों के कारणों पर मंथन किया जाएगा।

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