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हिमाचल: करुणामूलक नौकरी के लिए सालाना आय अब तीन लाख, अनुबंध नहीं, जॉब ट्रेनी के रूप में होगी नियुक्ति
Thu, 09 Oct 2025 01:53 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 09 Oct 2025 01:53 PM IST
सार
प्रदेश में करुणामूलक नौकरियों के लिए अब पूरे परिवार की सालाना आय सीमा तीन लाख रुपये कर दी गई है। इसमें प्रतिव्यक्ति आय की अब कोई सीमा नहीं होगी।
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हिमाचल सरकार।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में करुणामूलक नौकरियों के लिए अब पूरे परिवार की सालाना आय सीमा तीन लाख रुपये कर दी गई है। इसमें प्रतिव्यक्ति आय की अब कोई सीमा नहीं होगी। यह छूट 31 दिसंबर 2025 तक के मामलों के लिए लागू होगी। राज्य सरकार के वित्त विभाग ने बुधवार को इस संबंध में संशोधित नीति लागू करने के आदेश जारी किए हैं। नीति के अनुसार अब यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि इसमें अनुबंध कर्मचारी के स्थान पर दैनिक वेतनभोगी शब्द को पुनर्स्थापित किया गया है।
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यानी करुणामूलक आधार अब अनुबंध नहीं, जॉब ट्रेनी की नियुक्ति की जाएगी। जॉब ट्रेनी की यह नियुक्ति तृतीय श्रेणी के लिए होगी। दैनिक वेतन भोगी आधार के बजाय अब इन नियमों में मल्टी टास्क वर्कर शब्द को पुनर्स्थापित किया गया है। मल्टी टास्क वर्कर नीति के आधार पर ही इनकी नियुक्ति होगी। क्लास थ्री क्लर्कों के पदों को तृतीय श्रेणी के जेओए आईटी पदों से बदला जाएगा। किसी विभाग में करुणामूलकों के लिए तय पांच फीसदी कोटा उपलब्ध नहीं है तो उन्हें एकमुश्त 31 मार्च 2025 तक छूट दी जाएगी।
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