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प्राध्यापकों ने किया बहिष्कार, कॉलेजों में पढ़ाई ठप
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 22 Aug 2015 10:15 PM IST
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सेंटर आफ एक्सीलेंस कॉलेज संजौली में शुक्रवार को हुई हिंसा के विरोध में प्राचार्यों और प्राध्यापकों ने शनिवार को कक्षाओं का बहिष्कार किया। प्रदेश के कॉलेजों में शनिवार को पूर्ण शिक्षा बंद रहा। क्लास रूम वीरान रहे। छात्र संगठनों ने प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया। प्रदेश राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ के आह्वान पर प्रदेश के 88 से अधिक डिग्री कॉलेजों में कक्षाएं ठप रहीं।
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प्राध्यापक और कॉलेज आए, लेकिन उन्होंने हिंसा की इस घटना के विरोध में और हिंसा में शामिल एबीवीपी के सभी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर कक्षाओं में प्रवेश नहीं किया। उनका कहना है कॉलेजों में उपयुक्त शैक्षणिक माहौल बनने और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाने तक वे कक्षाओं में नहीं पढ़ाएंगे।
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शनिवार को संजौली कॉलेज में प्राध्यापक संघ की बैठक भी हुई। कॉलेज प्राध्यापक संघ के महासचिव डा. रामलाल शर्मा, सह सचिव जोगेंद्र सकलानी, लक्ष्मी सिंह वर्मा, एलएस वर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि राजधानी के कॉलेज में ही जब प्राचार्य सुरक्षित नहीं हैं तो दूरदराज क्षेत्र में पढ़ा रहे शिक्षक कैसे खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे।
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कहा कि जब तक सभी आरोपियों और शिक्षक से मारपीट करने वाले मुख्य छात्र आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। संजौली के प्राचार्य डा. जेएस नेगी और अन्य शिक्षकों के साथ आसपास के कॉलेजों से आए प्राध्यापक संघ कार्यकारिणी सदस्यों ने पुलिस पर आरोपी छात्रों को बचाने और मौके से भगाने में मदद करने तक का आरोप लगाया है।
कॉलेज प्राचार्य संघ के अध्यक्ष आरपी चोपड़ा और महासचिव डा. जेएस नेगी के सोमवार को कक्षाएं बंद रखने के ऐलान को प्राध्यापकों ने पूरा समर्थन देते हुए सोमवार को न पढ़ाने का ऐलान किया। डा. जेएस नेगी ने कहा कि परिसर में हिंसा और प्राचार्य पर हमला करने वालों को किसी सूरत में न बख्शा जाए। परिसर में पढ़ाने के लिए सुरक्षित माहौल बनाया जाए। उनकी मांग पूरी होने तक यह आंदोलन जारी रहेगा।