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35 फीसदी से कम अंक वाले कॉलेज विद्यार्थियों को नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति
Sat, 31 Oct 2020 05:00 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 31 Oct 2020 05:00 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल के डिग्री कॉलेजों में प्रमोट किए प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को असेसमेंट में 35 से कम अंक मिलने पर छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी। नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर 33 फीसदी से कम वालों के आवेदन अपलोड नहीं होंगे। एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को केंद्र सरकार कई छात्रवृत्तियां देती है। बीते दिनों स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थी 33 से कम अंकों पर प्रमोट होने के चलते छात्रवृत्ति से वंचित हो गए हैं।
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इस साल वार्षिक परीक्षाएं नहीं होने से नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर आवेदन करने में कई तरह की मुश्किलें आ रही हैं। स्कूलों के आवेदनों के समय पेश आईं समस्याएं दोबारा न हों, इसके लिए शिक्षकों को एहतियात बरतने को कहा गया है। बता दें कि प्रदेश के स्कूलों में नवीं और 11वीं के विद्यार्थियों को इस साल बिना परीक्षाएं लिए ही अगली कक्षाओं में प्रमोट किया गया है। शिक्षकों ने आंतरिक मूल्यांकन करते हुए इन विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रमोट किया है।
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कोरोना संकट के चलते ऐसे भी कई विद्यार्थी प्रमोट हो गए हैं जो आंतरिक मूल्यांकन में 35 फीसदी अंक भी प्राप्त नहीं कर सके हैं। ऐसे विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति के लिए आवेदन नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर अपलोड नहीं हुए। इस साल ऐसे हजारों विद्यार्थी छात्रवृत्ति की राशि प्राप्त करने से महरूम रह गए हैं। उधर, कॉलेजों में भी प्रथम और द्वितीय के विद्यार्थियों को बिना परीक्षाएं लिए ही प्रमोट कर दिया गया है।
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ऐसे में आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अगर कॉलेजों में भी छात्रवृत्ति के लिए पात्र विद्यार्थियों के अंक 35 फीसदी से कम आए तो ये भी साल 2020-21 की छात्रवृत्ति से वंचित हो जाएंगे। निदेशालय ने सभी निजी और सरकारी कॉलेजों सहित हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, तकनीकी विवि, निदेशक चिकित्सा शिक्षा, निदेशक तकनीकी शिक्षा, निदेशक दंत चिकित्सा, रजिस्ट्रार कृषि विवि, बागवानी विवि और सचिव निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग को इस संदर्भ में पत्र जारी कर सूचित करते हुए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के नियमों का पालन करने को कहा है।