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Himachal: पांच साल पहले खुला कॉलेज, अपना भवन तो दूर, घास के खेत में ही हो रही पढ़ाई

Tue, 23 Aug 2022 11:20 AM IST
Krishan Singh पंकज सलारिया, संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा
पंकज सलारिया, संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा Published by: Krishan Singh Updated Tue, 23 Aug 2022 11:20 AM IST
सार

 मौजूदा समय में कक्षाएं घास के खेत में चल रही हैं। इस खेत में दो से तीन फीट घास उग आई है। बरसात के मौसम में सांप जैसे जीवों के खतरे के बीच कक्षाएं चल रही हैं। 

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College opened five years ago, far away from my building, studies are being done in the grass field only
घास के खेत में ही हो रही पढ़ाई - फोटो : संवाद

विस्तार

सरकार के घर-द्वार उच्च शिक्षा देने के दावों का किस तरह मजाक उड़ रहा है। इसका उदाहरण हिमाचल प्रदेश के चंबा का भलेई कॉलेज है। करीब पांच साल पहले यहां कॉलेज की सौगात मिली। अब तक कॉलेज का अपना भवन नहीं है। मौजूदा समय में कक्षाएं घास के खेत में चल रही हैं। इस खेत में दो से तीन फीट घास उग आई है। बरसात के मौसम में सांप जैसे जीवों के खतरे के बीच कक्षाएं चल रही हैं। साल 2017 में कांग्रेस सरकार ने यहां कॉलेज खोला था। उस दौरान प्राइमरी स्कूल की इमारत में कक्षाएं शुरू की गईं। 

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वर्ष 2021 तक इसी भवन में पढ़ाई चलती रही। इसके बाद यह भवन भी जर्जर हो गया। इसके बाद पंचायत की ओर से दो कमरे किराये पर लिए गए और एक साल का एग्रीमेंट किया गया। अब यह एग्रीमेंट भी खत्म हो चुका है। बारिश के कारण कमरे भी खस्ताहाल हो गए हैं। जहां विद्यार्थियों को बैठाना बिल्कुल सुरक्षित नहीं है। कॉलेज का सामान भी इन खस्ताहाल कमरों में रखा गया है। हालांकि, इस बारे में प्रशासन को कई बार अवगत करवाया जा चुका है। अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। बताया जा रहा है कि नजदीक में ही एक पर्यटन विभाग का भवन है।
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जिसमें कुछ समय तक विद्यार्थियों को पढ़ाया जा सकता है। अभी तक इसके बारे में भी कोई पहल नहीं हो पाई है।कॉलेज प्राचार्य डॉ. कुलदीप शर्मा का कहना है कि कॉलेज भवन न होने के कारण परेशानी हो रही है। इसके बारे में प्रशासन को भी अवगत करवा दिया गया है। उम्मीद है कि प्रशासन उचित पहल करेगा। पीटीए अध्यक्ष निशा ठाकुर का कहना है कि एग्रीमेंट खत्म हो चुका है। ऐसे में विद्यार्थियों को मजबूरन खेत में बैठाना पड़ रहा है। 
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मामला उनके ध्यान में है। समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द विद्यार्थियों के लिए भवन की व्यवस्था करवाई जाएगी। विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। डीसी राणा, उपायुक्त

भवन पूरी तरह जर्जर
भलेई कॉलेज का अपना भवन न होने के कारण उन्हें खेत में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। भवन पूरी तरह जर्जर हो गया है। -रुखसाना

सरकार नहीं कर रही प्रयास
भवन का एग्रीमेंट खत्म हो गया है। भवन के लिए सरकार और प्रशासन की ओर से कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इससे परेशानी हो रही है। - अभिषेक भारद्वाज

पांच साल पहले खुला था कॉलेज
कॉलेज को खुले पांच साल हो गए हैं लेकिन स्थायी भवन अब तक सरकार नहीं दे पाई है। विद्यार्थियों को खेत में पढ़ाई करनी पड़ रही है। दिलीप ठाकुर 

बारिश में बढ़ जाती परेशानी
जब क्षेत्र में बारिश होती है तो पढ़ाई के बजाय घर जाना पड़ता है। बरसात के कारण दोनों कमरों को नुकसान पहुंचा है। छत गिरने की कगार पर है। रुचिका 

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