दिल्ली पहुंचा पत्र मामला, सीएम बोले- मेरी सरकार पूरी तरह से मजबूत और स्थिर
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कांग्रेस के 6 विधायकों के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को हटाने के लिए आलाकमान को लिखे पत्र ने पार्टी की अंदरूनी सियासत गर्मा दी है। नेतृत्व परिवर्तन के सवाल पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का कहना है कि मेरी सरकार पूरी तरह मजबूत और स्थिर सरकार है।
किन्नौर दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है कि ऐसा कोई पत्र विधायकों ने लिखा है। उधर, राजधानी में पत्र लिखने वाले विधायकों और पत्र की सत्यता को लेकर खूब चर्चाएं रहीं।
हालांकि प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पुष्ट किया कि चार दिन पहले विधायकों ने पत्र आलाकमान को भेजा है, जिसकी प्रतिलिपि उन्हें भी दी गई है। अब मंगलवार को सीएम और प्रदेश अध्यक्ष की आलाकमान के सामने हाजिरी है, जिसको लेकर दोनों खेमों के कई नेता दिल्ली पहुंच गए हैं।
सुक्खू और वीरभद्र के दिल्ली दौरें पर टिकी निगाहें
दो दिवसीय किन्नौर दौरे पर गए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश संगठन को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने विधायकों के लिखे पत्र से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि कुछ लोगों का मीडिया में सुर्खियों में आने के लिए सनसनीखेज खबरें फैलाने का शौक है।
वीरभद्र सिंह के बयान से सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाले पत्र की सत्यता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष सुक्खू पत्र की सत्यता की पुष्टि कर रहे हैं। अब कांग्रेसियों की नजर दोनों नेताओं के दिल्ली दौरे को लेकर है।
मंगलवार को नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी सुशील शिंदे प्रभार संभालेंगे, जिसके लिए सुक्खू और वीरभद्र दिल्ली पहुंच रहे हैं। कैबिनेट मंत्री विद्या स्टोक्स भी दिल्ली में हैं। मिली जानकारी के मुताबिक गुड़िया प्रकरण के बाद पैदा हुए सियासी हालात से लेकर विधायक के लिखे पत्र पर आलाकमान से चर्चा भी तय है।
दोनों नेता अपना पक्ष रखेंगे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के लिए भी नेताओं ने समय मांगा है। संभव है कि जिन विधायकों ने पत्र लिखा है उनको भी आलाकमान तलब करे।