वीरभद्र मंत्रिमंडल में फेरबदल के संकेत, नए सीएस पर भी फैसला जल्द
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने एक बार फिर मंत्रिमंडल में फेरबदल के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि जो अनुशासन में नहीं रहेंगे, सचिवालय में बैठकर काम नहीं करेंगे, जनता की समस्याएं नहीं सुनेंगे तो मंत्रिमंडल में फेरबदल पर सोचा जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि नए मुख्य सचिव पर सरकार जल्द फैसला लेने वाली है। वीरभद्र सिंह वीरवार को रिज मैदान में जिला प्रशासन के पहल कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। सीएम ने कहा कि प्रदेश के साढ़े पंद्रह हजार में से इक्का-दुक्का स्कूलों में परिणाम खराब रहे हैं।
आंकलन कर यहां शिक्षकों को अनुशासित किया जाएगा। शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाए जाएंगे। आठवीं में बोर्ड परीक्षा में केंद्र का कानून मुश्किल खड़ी कर रहा है। कानून में बदलाव के बाद ही यह संभव हो पाएगा। सीएम ने कहा कि असम में भाजपा अकेले चुनाव लड़ती तो कभी नहीं जीतती।
वहां कांग्रेस के लोगों को तोड़कर ही भाजपा जीती है। केरल में चुनावी नतीजों के बाद 93 वर्षीय वीएस अच्युतानंदन के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा पर वीरभद्र ने कहा कि उम्र मायने नहीं रखती। कौन कितना उपयोगी है, किसमें कितना दम है और जनता उसका कितना साथ देती है, उस पर सब निर्भर करता है। सीएम ने कांग्रेस मुक्त देश के नारे पर कहा कि यह भाजपा की तानाशाही वाली सोच दर्शाता है।
सीएम बोले, बिंदल को कुछ पता नहीं
भाजपा विधायक राजीव बिंदल के आरोप के जवाब में वीरभद्र सिंह ने कहा कि एनएच की डीपीआर सीपीडब्लूडी बनाता है जबकि नाबार्ड से आने वाले फंड की डीपीआर लोक निर्माण विभाग तैयार करता है।
यही व्यवस्था सालों से चल रही है। उन्होंने कहा कि बिंदल को राजनीति का कुछ पता नहीं है। प्रदेश में सड़कें कुछ केंद्र के पैसों से तो कुछ राज्य सरकार स्वयं बनाती है। इसकी डीपीआर की प्रक्रिया रूटीन है।
कालिया से करूंगा बात
विधायक राकेश कालिया के ओएसडी के पास मिट्टी तेल मिलने के मामले में अधिकारियों को धमकाने के आरोप पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे कालिया से इस बारे में पूछेंगे। यदि ऐसा है तो यह सही नहीं है। कोई कानून तोड़ता है तो हमें कानूनी प्रक्रिया के रास्ते में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।