जेटली से मेरे मतभेद नहीं, धूमल के दबाव में पड़े मेरे पीछे : वीरभद्र
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा - ये अरुण जेटली हैं, जो मेरे पीछे पडे़ हैं। उनके मेरे साथ कोई मतभेद नहीं हैं। ये सब प्रेमकुमार धूमल और अरुण कुमार धूमल के दबाव से सारा चल रहा है। ये मामला आयकर के बाद सीबीआई को भेजा गया। सीबीआई ने पहली रिपोर्ट में कुछ नहीं पाया।
फिर दूसरी बार कार्रवाई हुई। फिर ईडी में मामला गया। ये ईडी का मामला नहीं है। सैकड़ों-करोड़ों रुपये का जहां गबन होता है, वहां ईडी की कार्रवाई होती है। देश को धन लूटने वाले बड़े-बड़े लोगों के खिलाफ ईडी की ओर से कुछ नहीं किया जा रहा है। एक आयकर के मामले के पीछे पड़ी है।
प्रदेश विधानसभा परिसर में सोमवार को सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि ये इनकी रोजाना की बात हो गई है। उनके खिलाफ जो भी कार्रवाई हो रही है, ये एक राजनीतिक षड्यंत्र है। असल में ये एक आयकर का मामला है। वीरभद्र बोले - मैंने जो आय दिखाई है, वो तार्किक है।
मुझे एनडीए सरकार से कोई उम्मीद नहीं और मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है। कांग्रेस पार्टी मजबूत है और एक है। मुझे पार्टी का प्रदेश में और दिल्ली में भी हाईकमान के समक्ष पूरा समर्थन मिला है।
धूमल की संपत्तियों की जांच एजेंडे में शामिल
नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल को संपत्ति मामले में विजिलेंस नोटिस भेजे जाने के पर सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि धूमल की संपत्तियों की जांच पहले से ही कांग्रेस पार्टी के एजेंडे में शामिल थी। उन पर जो आरोप लगाए गए हैं, वे एक कमेटी ने ही लगाए हैं और सरकार की ओर से उन्हीं की जांच की जा रही है।
काहे के खाते, ऐसा कुछ नहीं
सीबीआई की ओर से खाते सील करने की चर्चा पर सीएम ने उल्टा सवाल किया - काहे के खाते। ऐसा कुछ नहीं है। मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल पर सीएम बोले कि आगामी दिनों में कोई फेरबदल नहीं होगा।