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सीएम ने दिया भरोसा, एमबीबीएस डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने पर होगा विचार
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 01 Jun 2016 12:01 AM IST
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कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि लोगों की लिए स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए चिकित्सा शिक्षा महत्वपूर्ण है।
- फोटो : अमर उजाला
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डाक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने मामले पर विचार होगा। आईजीएमसी में मंगलवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सीएसए 2015-16 के स्वर्ण जयंती वर्ष पुरस्कार वितरण समारोह पर यह बात कही। उन्होंने बताया कि चंबा, हमीरपुर और नाहन में खोले जा रहे प्रत्येक मेडिकल कालेजों के लिए 189 करोड़ रुपये का बजट का प्रावधान किया गया है।
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उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ईएसआईसी अस्पताल नैरचौक को प्रदेश सरकार को देने के लिए राजी है। वही बिलासपुर में एम्स स्तर का संस्थान खोला जाए रहा है। उन्होंनें बताया कि प्रदेश में प्रशिक्षित चिकित्सकों तथा पैरा मेडिकल स्टाफ के साथ और अधिक स्वास्थ्य संस्थान होने चाहिए।
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कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कहा कि लोगों की लिए स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए चिकित्सा शिक्षा महत्वपूर्ण है। प्रदेश में अधिक चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल खोले जाने की जरूरत है ताकि लोगों की स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सेवा के लिए उच्च स्तरीय प्रतिबद्धता तथा उच्च अनुशासन महत्वपूर्ण है।
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मरीजों की सेवा और चिकित्सकों का यह उत्तरदायित्व है, कि वह अपने मरीजों का उपचार व सेवा समर्पण की भावना से करें और लापरवाही न बरतें। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईजीएमसी का विस्तार किया जा रहा है और इसका दूसरा परिसर चम्याणा में 245 बीघा जमीन पर तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने वन विभाग से इसके लिए वन स्वीकृत का मामला उठाने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के राष्ट्रपति ने 3 जून को आईजीएमसी शिमला के दीक्षांत समारोह में शामिल होने में सहमति दी है। इस मौके पर सीएसए पैटर्न डा. संजीव शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा प्रदेश सरकार के तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान पूरे किए गए विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि कमला नेहरू अस्पताल में मातृ शिशु अस्पताल परियोजना का कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज में नए ओपीडी तथा सुपर स्पेशलिटिी खंड का कार्य भी प्रगति पर है। उन्होने अन्य व्यावसायिक कोर्सों पर लागू की जा रही योजना के तहत एमबीबीएस विद्यार्थियों को स्टाईफंड प्रदान करने की भी मांग की।
2011-12 और 2013-15 के बैचमेट को पुरस्कार दिए
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वर्ष 2011-12 और 2013-15 में शैक्षणिक तथा खेल सहित अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित किए। उन्होंने विद्यार्थियों को खेल तथा साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अपनी ऐच्छिक निधि से 50 हजार रुपये की राशि प्रदान करने की भी घोषणा की।