सती को सीएम का जवाब, कर्मचारियों पर भी बड़ा फैसला
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अवैध खनन को लेकर भाजपाध्यक्ष सतपाल सिंह सती की ओर से चुनौती मिलने के बाद सीएम वीरभद्र सिंह वीरवार को खुलकर मीडिया के सामने बोले। उन्होंने न सिर्फ भाजपा को तगड़ा जवाब दिया बल्कि कांग्रेस के उन नेताओं को भी लपेटा जिनकी सरकार से तकरार चल रही है।
सीएम ने कहा कि अवैध खनन के इस कारोबार में भाजपा नेताओं के साथ कुछेक कांग्रेस के भी शामिल हैं। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऊना में प्रेसवार्ता के दौरान सीएम ने कहा कि वे पहाड़ को छलनी नहीं होने देंगे।
अब खनन के लिए साइटें सरकार चयनित करेगी। न कि कोई ठेकेदार। उन्होंने कहा कि जहां जरूरत होगी, वहीं खनन की अनुमति दी जाएगी।
सीएम ने किया चार नामों का खुलासा
प्रेस वार्ता के दौरान सीएम वीरभद्र सिंह ने अवैध खनन से जुड़े चार लोगों के नामों का भी खुलासा कर दिया। सीएम ने कहा कि ये वो लोग हैं जिन्हें अवैध खनन करने पर विभाग की ओर से नोटिस तक जारी किए गए हैं।
इनमें भाजपाध्यक्ष सतपाल सती के भतीजे उमंग ठाकुर का नाम भी शामिल हैं। इनके अलावा कमल किशोर, हरदीप सिंह और रजनीश मोहन के नामों को भी सीएम ने सार्वजनिक कर दिया। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ के पास लाइसेंस हैं जबकि कुछ के पास नहीं।
सरकार इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के मूड में दिख रही है।
भाजपा नेताओं पर की टिप्पणी
सीएम ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि ये यूनिवर्सिटी धर्मशाला में ही खुलेगी। इसका फैसला ले लिया गया है। भाजपा जो चाहे कर ले।
अनुराग ठाकुर के देहरा में यूनिवर्सिटी खोलने के सवाल पर सीएम तिलमिला गए। उन्होंने अनुराग को खरी खरी सुनाते हुए नसीहत दी कि सरकार इसे धर्मशाला में ही खोलेगी। अनुराग की मर्जी नहीं चलेगी।
उन्होंने भाजपा के अन्य नेताओं पर भी खुलकर निशाना साधा। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिन से लगातार भाजपा के दिग्गज नेताओं और सीएम वीरभद्र सिंह के बीच सियासी घमासान चल रहा है।
किसी कीमत पर नहीं मिलेगा सेवा विस्तार
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कर्मचारियों से जुड़ा भी एक बड़ा फैसला लिया है। सीएम ने साफ कहा कि हिमाचल में अब किसी भी कर्मचारी को सेवा विस्तार नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा अफसर को भी एक्सटेंशन नहीं मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार हर कीमत पर इस फैसले को लागू करेगी। सीएम के इस फैसले से हिमाचल के हजारों कर्मचारी जुड़े हुए हैं। सीएम ने कहा कि हिमाचल जल्द ही अपना पे कमीशन भी बनाएगा। हमें दूसरों को देखकर खर्च तय नहीं करना है।
उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के लिए सही कदम उठा रही है। एक्सटेंशन न मिलने से नए लोगों को नौकरी का मौका मिल सकेगा।
भाजपा ने दिया 10 हजार करोड़ का बोझ
भाजपा पर भड़कते हुए सीएम ने कहा कि हिमाचल पर आज करीब 10 हजार करोड़ रुपए का आर्थिक बोझ है। यह बोझ पूर्व सरकार की गलत नीतियों और फैसलों के चलते हुआ है।
यदि सरकार जनता के हित में सही नीतियां बनाती तो आज हिमाचल पर इतना बोझ न होता। उन्होंने कहा कि 14वें वित्त आयोग से हिमाचल को काफी उम्मीदें हैं। उम्मीद है कि इससे ये आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा सीएम ने कुछ और मुद्दों पर भी जवाब दिए।