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मोदी-शाह के दौरे के बाद वीरभद्र ने भी कसी कमर, लिया बड़ा फैसला

Fri, 05 May 2017 05:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 05 May 2017 05:06 PM IST
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cm virbhadra singh invited vidhayak dal meeting

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के हिमाचल दौरे के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी कमर कस ली है। सूबे में इस साल प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कमान अपने हाथों में लेते हुए सीएम ने विधायक दल की बैठक बुलाई है। यह बैठक उनके सरकारी आवास ओक ओवर में 6 मई को शाम 6:00 बजे बुलाई गई है। बैठक में चुनावी रणनीति के अलावा मोदी लहर की काट तलाशी जाएगी।

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चुनावी मुद्दों और विधायकों से फील्ड रिपोर्ट पर भी चर्चा होगी। उद्योग एवं संसदीय कार्य मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव से संबंधित नीति निर्धारण और विचार-विमर्श किया जाएगा। हालांकि, सूत्र बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के दौरे और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर पार्टी विधायक, मंत्री और खुद मुख्यमंत्री बयान देकर विरोध कर रहे थे।
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लेकिन इस बयानी विरोध पर पार्टी सक्रिय नहीं दिख रही थी। लिहाजा, अब मुख्यमंत्री ने खुद कमान अपने हाथों में ले ली है। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में न सिर्फ मोदी लहर की काट ढूंढने का प्रयास किया जाएगा बल्कि सरकार की उपलब्धियों को कैसे लोगों तक पहुंचाया जाए, इस पर भी चर्चा हो सकती है।
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संगठन चुनावों पर भी हो सकती है चर्चा
अगले तीन महीनों में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के चुनाव होने हैं। बताया जा रहा है कि इस बैठक में संगठन चुनावों पर भी चर्चा हो सकती है। चूंकि वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बीच टकराव जगजाहिर है। ऐसे में संभव है कि बैठक में पार्टी के चुनावों को लेकर भी मुख्यमंत्री चर्चा कर सकते हैं।

तो क्या वीरभद्र के सामने मोदी होंगे भाजपा का चेहरा

cm virbhadra singh invited vidhayak dal meeting
पीएम नरेंद्र मोदी

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पालमपुर दौरे में चाणक्य नीति चलकर कथित शांता, धूमल और नड्डा गुटों की भ्रांतियां दूर करते हुए हिमाचल में एकजुटता दिखाने की कोशिश तो की लेकिन मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर रहस्य दूर किए बिना ही दिल्ली लौट गए। माना जा रहा है कि इस बार विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही भाजपा का चेहरा होंगे।

उधर, दो दिन के दौरे में अमित शाह के सामने शांता, धूमल और नड्डा गुटों ने किसी गुटबाजी के संकेत नहीं दिए। लंबे अरसे से कथित रूप से नाराज चल रहे शांता कुमार भी इस दौरे में एकाएक सक्रिय दिखे। उन्होंने धूमल और नड्डा को गले लगाकर पार्टी में सब कुछ ठीक होने का संकेत दिया।

धूमल ने भी शाह के दौरे से एक दिन पहले सीधे यामिनी पहुंचकर शांता कुमार से लंबा राजनीतिक मंथन कर दूरियां पाटने की कोशिश की। पूरे दौरे में शाह ने धूमल और शांता को अपने आसपास रखा। वहीं नड्डा शाह के सारथी बनते हुए नजर आए। पिछले विधानसभा चुनाव में माइनस कांगड़ा का नारा देने वाले धूमल की शांता कुमार के साथ ऐसी जबरदस्त सियासी जुगलबंदी पहली बार शाह के सामने ही दिखी।

जानकार इस जुगलबंदी को शाह के सख्त मिजाज की झलक के रूप में देख रहे हैं। हिमाचल में टिकटों को लेकर हाल में हुए पार्टी के सर्वे और आरएसएस की फीडबैक की लिस्ट के बूते शाह ने हिमाचल के नेताओं को एकजुटता के कड़े निर्देश दिए हैं। इससे हिमाचल के नेतृत्व की कई राजनीतिक भ्रांतियों पर थोड़ा विराम भी लगा है। उधर, नए चेहरों को तरजीह देने की बात कहकर शाह युवाओं में जोश तो पुराने नेताओं की धड़कनें भी तेज कर गए।

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