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सीएम बोले, नियमों में रहकर आगे बढ़ें निजी विश्वविद्यालय

Wed, 23 Mar 2016 08:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 23 Mar 2016 08:40 AM IST
सार

  • एनजीटी से मामला उठाकर प्रभावित लोगों के लिए छूट मांगेंगे
  • मुख्यमंत्री ने मिला एनजीटी प्रभावितों को दिया आश्वासन
  • सीएम बोले, सरकार मामले पर गंभीर, फिर जाएंगे एनजीटी

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cm virbhadra singh directions to private universities
सीएम वीरभद्र के साथ बैठक में मौजूद टैक्सी ऑपरेटर्स। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश में चल रहे सभी निजी विश्वविद्यालयों से नियमों के बीच रहकर आगे बढ़ने को कहा है। मंगलवार को शिमला स्थित होटल ट्रिपल एच में मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग की कार्यशाला की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक वैकल्पिक उच्च शिक्षा प्रदाताओं को प्रोत्साहित करने के सरकार के निर्णय से व्यवस्था में जोखिम उत्पन्न हुआ है।

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इस क्षेत्र को बचाने की आवश्यकता है। हिमाचल की साक्षरता और गुणात्मक शिक्षा में उच्च राष्ट्रीय प्रतिष्ठता है। यदि कहीं कुछ गलत होता है तो इस प्रतिष्ठा को दोबारा प्राप्त करना बेहद कठिन होगा। प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा के बढ़ते अनियंत्रित क्षेत्र जो विद्यार्थियों को अपर्याप्त प्रावधान उपलब्ध करवा रहे हैं तथा राज्य की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहे हैं पर शिकंजा कसने के लिए गंभीर है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि नियामक आयोग द्वारा अध्यापकों की पात्रता एवं विषय विशेषज्ञता के आधार पर उपयुक्त नियुक्तियां विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मानदंडों के अनुसार उन्हें समुचित वेतन वितरण तथा अन्य लाभों से संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि समानता सुनिश्चित बनाने के लिए वंचित वर्ग के बच्चों के प्रवेश के लिए विशेष पग उठाए जाने चाहिए। देश के मान्यता प्राप्त व्यावसायिक, तकनीकी संस्थानों में उच्च शिक्षा कोर्स के लिए पात्र एवं उत्कृष्ट विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ज्ञानदीप योजना आरंभ करने की घोषणा की है। इससे अधिक से अधिक विद्यार्थी उच्च अध्ययन के लिए आगे आएंगे। कार्यशाला में 16 विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

सभी विश्वविद्यालयों का एक समान दस्तावेज- निजी शिक्षण नियामक आयोग की अध्यक्ष सरोजिनी गंजू ठाकुर ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों ने अगले पांच वर्षों के लिए एक समान दस्तावेज तैयार किया है। राज्य में अनेक निजी विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहें हैं।

उन्होंने निजी एवं सार्वजनिक विश्वविद्यालयों को निजी नियामक आयोगों के साथ बेहतर समन्वय विकसित करने के लिए आपस में तालमेल की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव पीसी धीमान, हिमाचल प्रदेश निजी शिक्षण नियामक आयोग के सदस्य सुनील शर्मा सहित विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

रोहतांग में प्रतिबंधों पर छूट मांगेगी सरकार- मनाली के टैक्सी ऑपरेटर संघों, ढाबा मालिकों, फड़ी वालों, घोड़ा मालिकों और ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्णय से प्रभावित लोगों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से भेंट कर उनसे राहत प्रदान करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है और उनकी समस्याओं को एक बार फिर राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल के समक्ष उठाया जाएगा।

सरकार एनजीटी से इस निर्णय को बदलने के लिए आग्रह करेगी और यह भी अनुरोध करेगी कि अव्यावहारिक पाबंदियों में छूट प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि एनजीटी हितधारकों की सिफारिशों पर गौर कर अपने निर्णय पर नरम रुख अपनाएगा। रोहतांग दर्रे तक (सीएनजी) वाहन चलाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सीएनजी का मदर स्टेशन ऊना में स्थापित करने के लिए भूमि चिन्हित की जा चुकी है, जबकि मनाली के वशिष्ठ में डॉटर स्टेशन बनाया जाएगा।

उन्होंने विश्वास जताया कि सीएनजी स्टेशन शीघ्र स्थापित हो जाएगा। वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने 1000 पेट्रोल वाहनों को रोहतांग दर्रे तक सुबह एवं दोपहर के समय दो शिफ्टों में भेजे जाने की अनुमति प्रदान करने का मामला एनजीटी के समक्ष उठाया है। सीएनजी मामले पर टैक्सी ऑपरेटरों ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि वे अपने वाहनों को सीएनजी वाहनों में बदलने के लिए तैयार हैं, लेकिन अभी तक सीएनजी संयंत्र स्थापित नहीं हुआ है, इसलिए संयंत्र स्थापित होने तक दो शिफ्टों में 1000 पेट्रोल वाहनों को रोहतांग तक जाने की अनुमति प्रदान की जाए।

मढ़ी में पर्यावरण मित्र बाजार और दुकानों का निर्माण किया जाएगा, जहां पर समुचित सीवरेज प्रणाली और पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा जाएगा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस समिति मनाली के अध्यक्ष भुवनेश्वर गौड़ ने किया। उन्होंने मुख्यमंत्री का उनकी समस्याओं को सुनने और शीघ्र निपटारा करने का आश्वासन देने के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने रोहतांग तक एचआरटीसी के छोटे वाहन चलाने के प्रस्ताव पर असहमति व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार एनजीटी के निर्णयों से प्रभावित


लोगों के राहत और पुनर्वास के प्रति अधिक चिंतित है। स्नो स्कूटर आपरेटरों ने सुझाव दिया कि कुल 80 में से 40 पेट्रोल स्कूटरों को रोहतांग तक चलाने की अनुमति प्रदान की जाए। बैठक में सर्वसम्मति बनी कि प्रभावित लोग अपनी समस्याओं के बारे में दो दिनों के भीतर एक प्रस्ताव सौंपेंगे, जिससे एनजीटी की अगली सुनवाई में उनकी बात को प्रभावी तरीके से समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।

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