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प्रधानों और उपप्रधानों की शक्तियां नहीं होंगी कम
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 19 May 2016 11:37 AM IST
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पंचायती राज विभाग
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हिमाचल में पंचायत प्रधानों की शक्तियां कम नहीं होगी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने स्वयं मामले में हस्तक्षेप कर पंचायती राज विभाग को यह निर्देश दिए हैं कि पंचायत प्रधान पहले की तरह पंचायतों में अपनी सेवाएं देते रहेंगे। इनकी वित्तीय शक्तियों में कोई कमी नहीं की जाएगी।
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14वें वित्तायोग के तहत जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों की वित्तीय शक्तियों में कटौती की गई है। पंचायत प्रधानों की शक्तियों में भी कटौती किए जाने का प्रस्ताव था लेकिन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस पर रोक लगा दी है।
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अब पंचायतों में विकास कार्यों की अनदेखी में बीडीओ, पंचायत सचिव के साथ पंचायत प्रधान की जिम्मेवारी भी तय होगी। कोई भी विकास कार्य में अगर गड़बड़ी पाई जाती है तो प्रधान को भी पूछा जाएगा। प्रधान की देखरेख में विकास कार्य होंगे। मौके पर कार्य ठीक
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न होने पर वह पंचायत सचिव और जूनियर इंजीनियर से भी विचार विमर्श कर सकते हैं। गौर हो कि प्रदेश सरकार की ओर से जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों की तर्ज पर पंचायत प्रधानों को भी योजनाएं बनाने का काम सौंपा जा रहा था जबकि जवाबदेही सचिव और बीडीओ की होनी तय की गई थी। अब इन अधिकारियों के साथ प्रधान की जिम्मेवारी फिक्स होगी।
पंचायत प्रधानों की शक्तियों में कोई कटौती नहीं की जा रही है। प्रदेश सरकार के आदेशानुसार पंचायत प्रधान अपने क्षेत्र में अधिकारियों के साथ मिलकर विकास कार्य करा सकेंगे। कोई भी विकास कार्य कराने से पहले इसे ग्रामसभाओं की अनुमति जरूरी होगी। -राकेश कोरला, ज्वाइंट डायरेक्टर कम डिप्टी सेक्रेटरी, पंचायती राज विभाग