फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Cm virbhadra attented the seminar in peterhoff.

पावर प्रोजेक्ट कंपनियों को सीएम की नसीहत

Thu, 18 Sep 2014 11:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 18 Sep 2014 11:58 PM IST
विज्ञापन
Cm virbhadra attented the seminar in peterhoff.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल में पावर प्रोजेक्टों के लिए ब्लास्ट न किया जाए। आधुनिक तकनीकी से पहाड़ों में प्रोजेक्ट टनल बनाई जाए, जिससे पर्यावरण का नुकसान भी न होने पाए और राज्य में क्षमता के अनुसार बिजली उत्पादन भी किया जा सके।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि प्रदेश में विद्युत उत्पादन बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है। वह वीरवार को होटल पीटरहाफ में जल विद्युत विकास में ‘चुनौतियां और बाधाएं’ विषय पर दो दिवसीय सम्मेलन में बोल रहे थे। कहा कि सरकार जल विद्युत क्षेत्र में निवेश के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए खास कदम उठा रही है।
विज्ञापन


कहा कि हिमाचल में अब विद्युत उत्पादकों को जल विद्युत परियोजनाएं स्थापित करने के लिए सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य, लोक निर्माण, राजस्व और मत्स्य पालन विभागों की एनओसी लेने की जरूरत नहीं है। जल विद्युत सबसे अधिक राजस्व सृजित करने वाले क्षेत्रों में से एक है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रोजेक्ट को स्थापित करने से पूर्व स्थानीय लोगों और बनाई गई स्थानीय समितियों से सलाह-मशविरा किया जाता है, इसके अतिरिक्त परियोजना प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए स्थानीय क्षेत्र विकास निधि बनाई गई है। इससे सामाजिक, अन्य विकासात्मक गतिविधियां के लिए पर्याप्त मुआवजा राशि उपलब्ध करवाना सुनिश्चित बनाया जा रहा है।

भारत को विद्युत क्षेत्र में अनेकों चुनौतियों जैसे कमजोर अधोसंरचना, कोयले से विद्युत उत्पादन में अत्यधिक लागत, प्राकृतिक गैस की कमी और नाभिकीय संसाधनों की अनुपलब्धता का सामना करना पड़ रहा है। ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया ने कहा कि जल विद्युत संभावनाओं को बढ़ाने और निवेशकों को विभिन्न प्रोत्साहन प्रदान कर निवेश के लिए आमंत्रित करने के उद्देश्य से प्रदेश ऊर्जा निगम का गठन किया है।

प्रदेश के राजस्व सृजन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। दो जल विद्युत परियोजनाओं सौ मेगावाट की सैंज तथा 65 मेगावाट की कशांग-1 में अगले वर्ष से विद्युत उत्पादन शुरू होगा। ऊर्जा निगम के एमडी डीके शर्मा, केंद्रीय जल आयोग के पूर्व अध्यक्ष आर जेयासीलन, केंद्रीय बोर्ड सिंचाई एवं ऊर्जा के सचिव वीके कन्जलिया ने विचार रखे।


विधायक रवि ठाकुर, मुख्य सचिव पी मित्रा, प्रधान सचिव ऊर्जा एसकेबीएस नेगी, राष्ट्रीय जल विकास ऐजेंसी के महानिदेशक मसूद हुसैन, अरुणाचल प्रदेश सरकार के पूर्व मुख्यसचिव एचके पालीवाल सहित अन्य मौजूद थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed