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Himachal: सीएम सुक्खू बोले- गैर उपयोगी पदों की जगह आज की जरूरत के हिसाब कर रहे भर्तियां

Sat, 26 Oct 2024 06:04 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 26 Oct 2024 06:04 PM IST
सार

 मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि दो साल से अधिक रिक्त रहे कोई भी पद समाप्त नहीं किए गए हैं। इन पदों को आज के समय की जरूरत के अनुसार भरने के लिए विभागों से प्रस्ताव मांगे हैं। 

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CM sukhvinder Sukhu said Vacant posts have not been abolished, proposals have been sought to fill them as per
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि गैर उपयोगी पदों की जगह आज की जरूरत के हिसाब की भर्तियां की जाएंगी। बजट तैयार करने के लिए सभी विभागों से पुराने रिक्त पदों की जगह नए सृजित करने के प्रस्ताव मांगे हैं। भाजपा नेताओं पर भ्रामक प्रचार का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दो साल में सरकार ने 19,103 भर्तियां की हैं। रिक्त पदों के लिए हर साल बजट जारी हो रहा था, अब नए पदों पर राशि खर्च की जाएगी। व्यवस्था परिवर्तन के तहत यह फैसला लिया गया है।

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शनिवार सुबह ओकओवर शिमला में प्रेसवार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए वचनबद्ध है। विभिन्न विभागों में ऐसे अनेक पद हैं जो कई वर्षोें से कार्यशील नहीं हैं। उन पदों का वर्तमान आवश्यकताओं के आधार पर पदनाम बदला जा रहा है। क्लर्क, टाईपिस्ट के स्थान पर जेओए आईटी के पद सृजित कर भरे जा रहे हैं। ये पद खत्म नहीं किए जा रहे हैं। विभिन्न औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद उनका पदनाम बदला जा रहा है। इस संबंध में वित्त विभाग की ओर से 23 अक्तूबर को विभिन्न विभागों को एक पत्र भी जारी किया गया है।
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नए पद सृजित किए जा रहे
उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों में जो पद वर्षों से रिक्त पड़े हैं और जिनकी कोई प्रासंगिकता नहीं है, उनकी जगह नए पद सृजित किए जा रहे हैं। जिन पदों की प्रासंगिकता नहीं है, विभाग उन्हें अपनी बजट बुक में शामिल रखते हैं और उनके आधार पर बजट संबंधी जरूरतों का आकलन कर प्रस्ताव सरकार को भेजते हैं। वित्त विभाग ऐसे पदों की समीक्षा कर उनके स्थान पर वर्तमान आवश्यकता वाले पदों को सृजित करने संबंधित प्रस्ताव भेजता है, ताकि ऐसे पदों का समयबद्ध सृजन सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि पदनाम बदलना और नए पद सृजित करना निरंतर चलने वाली विभागीय प्रक्रिया है जिसे समय-समय पर विभाग पूरा करते हैं। सरकार ने 22 माह के कार्यकाल में निरंतर भर्तियां की हैं और नए पद सृजित किए हैं। कई पोस्ट कोड के लंबित परीक्षा परिणाम घोषित कर युवाओं को नियुक्तियां प्रदान की गईं। सरकार आने वाले समय में भी जरूरत के आधार पर नए पदों का सृजन करने जा रही है। रोजगार सुनिश्चित करने के लिए शिक्षण संस्थानों में नए पाठ्यक्रम आरंभ किए हैं। एआई, डाटा साइंस, इंटरनेट ऑफ थिंगज सहित विभिन्न क्षेत्रों में पदों का सृजन किया जाएगा।

 

19,103 पदों को भरने की प्रक्रिया जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागों में 2,511 पद सृजित किए गए हैं और 16,592 पद भरे जा रहे हैं। कुल 19103 पदों सहित अनेक पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। शिक्षा विभाग में 268, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 1,623, गृह विभाग में 442, जल शक्ति विभाग में 85, लोक निर्माण विभाग में 64 और राजस्व विभाग में 29 पद सृजित किए गए हैं। शिक्षा विभाग में 5861 पद, स्वास्थ्य विभाग में 1056, गृह विभाग में 1482, वन विभाग में 2266, जल शक्ति विभाग में 4701, लोक निर्माण विभाग में 299 और राजस्व विभाग में 927 पदों सहित अन्य विभागों में भी सैंकड़ों पद भरे जा रहे हैं।

 

ग्रीन बोनस पर ये कहा
ग्रीन बोनस मामले पर सीएम ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हरे व सूखे पेड़ों के कटान पर पूरी तरह प्रतिबंध है। सीएम ने भाजपा सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका भी दायित्व बनता है कि पत्र लिखकर सरकार से हिमाचल के लिए ग्रीन बोनस की मांग कर सकते हैं। जो राज्य वन सरंक्षण ज्यादा करते हैं, उन राज्यों को ग्रीन बोनस देना चाहिए। वित्त आयोग को भी कुल कर का दो प्रतिशत जलवायु परिवर्तन और वन संरक्षण के लिए काम करने वाले राज्यों के लिए रखना चाहिए। इसलिए ग्रीन बोनस की मांग की है। 

धूमल सरकार में निकली थी पहली चिट्ठी, फिर चलती रही प्रक्रिया
- मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2012 में धूमल सरकार के समय में इस बारे में पहली बार चिट्ठी जारी हुई थी। भाजपा की अधिकारिक बैठकों में भी इस बारे में चर्चा होती थी लेकिन बीते 20 से 25 सालों से कई पद रिक्त होने के बावजूद बजट जारी होता रहता था।
 

वित्त सचिव ने जारी किए ये आदेश
उधर, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, राज्यपाल के सचिव, विधानसभा सचिव और राज्य उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को इसे लेकर एक और पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि केवल उन्हीं अनावश्यक पदों को समाप्त किया जाना है, जो सरकार के विभाग/संगठन में अब किसी काम के नहीं हैं। इसके अलावा यदि आवश्यकता/ आवश्यकता के अनुसार परिवर्तित नामकरण के साथ भी कोई और पद सृजित किया जाना है तो सामान्य तंत्र के माध्यम से पूर्ण प्रस्ताव तत्काल वित्त विभाग को भेजा जाए, ताकि समय रहते इसके लिए उचित बजट स्वीकृत किया जा सके। इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा गया है। 

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